नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के खत्म होने के बाद अब एक बार फिर माहौल गरमा गया है। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संगठन CJP ने केंद्र सरकार को मंगलवार तक का समय दिया है। संगठन का कहना है कि अगर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और प्रदर्शनकारियों को तब तक रिहा नहीं किया गया, तो वह दोबारा देशभर में आंदोलन शुरू करेगा।
सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन खत्म करते समय सरकार की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन अब अलग-अलग राज्यों से छात्रों की गिरफ्तारी और FIR दर्ज होने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
‘वादा निभाए सरकार’
सौरव दास ने कहा कि संगठन ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा करते हुए आंदोलन वापस लिया था। उनका आरोप है कि अब उसी आश्वासन का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मंगलवार तक सभी गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो CJP दोबारा सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
उन्होंने कहा कि संगठन फिलहाल सरकार को बातचीत और समाधान का मौका देना चाहता है, लेकिन अगर कोई कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।
कपिल सिब्बल ने दिया कानूनी मदद का भरोसा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई है, उन्हें कानूनी सहायता दी जाएगी।
कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर किसी छात्र के साथ अन्याय हुआ है, तो अदालत में उसका पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वकीलों की एक टीम जरूरत पड़ने पर छात्रों की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
‘साक्षी’ पोर्टल की शुरुआत
CJP ने इस मौके पर ‘साक्षी’ नाम से एक डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया। संगठन का कहना है कि इस पोर्टल के जरिए आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े फोटो, वीडियो और अन्य सबूत जमा किए जाएंगे।
संगठन ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास पुलिस कार्रवाई या आंदोलन से जुड़े कोई वीडियो, तस्वीरें या दस्तावेज हैं, तो वे उन्हें इस पोर्टल पर अपलोड करें। इन सबूतों का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया में किया जाएगा।
कई राज्यों में कार्रवाई का दावा
CJP का दावा है कि बिहार, पश्चिम बंगाल और असम समेत कई राज्यों में आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। संगठन का कहना है कि यह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों को डराने की कोशिश है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित राज्य सरकारों की ओर से सभी मामलों में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
क्या है पूरा मामला?
NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किया था। छात्रों की मांग थी कि पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।
कई दिनों तक चले आंदोलन के बाद CJP ने सरकार से बातचीत के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। लेकिन अब आंदोलन खत्म होने के बाद छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संगठन फिर से सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है।