जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 मनोज कुमार की अदालत ने सुनाई सजा; मंटून राय हत्याकांड में तीनों आरोपित दोषी करार
बेगूसराय। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 मनोज कुमार की अदालत ने नगर थाना कांड संख्या 168/2017 की सुनवाई करते हुए होमगार्ड जवान मंटून राय की हत्या के मामले में तीन आरोपितों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद मटिहानी थाना के रामदीरी निवासी चंदन सिंह एवं नंदन सिंह तथा रतनपुर थाना के पिपरा निवासी विमल राय को आजीवन कारावास एवं 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक गोपाल साहू ने मामले में कुल 8 गवाहों की गवाही कराई। इनमें राजीव राय, शंभू राय, प्रमोद राय, अशोक राय, अनिल राय, सुधीर राय, पुलिस पदाधिकारी अमित कुमार एवं डॉक्टर विनोद कुमार शामिल हैं।
4 अप्रैल 2017 को गोली मारकर की गई थी हत्या
मामले के अनुसार, 4 अप्रैल 2017 को रतनपुर थाना के पिपरा निवासी सूचक प्रमोद राय का भाई मंटू राय घर से बाजार के लिए निकला था। उसने सूचक को भी साथ चलने के लिए कहा था। सूचक को कुछ काम रहने के कारण वह थोड़ी देर पीछे रुक गया और भाई को आगे जाने को कहा।
मंटून राय सीताराम राय के घर के पास पिपरा इटवा तीन मुहानी रोड के पास सूचक का इंतजार करने लगा। इसी दौरान सूचक अपने भाई के पास पहुंचने वाला ही था कि तभी पश्चिम की ओर से कई लोग वहां पहुंचे और मंटून राय को चारों तरफ से घेर लिया।
जमीन विवाद में हत्या का आरोप
अभियोजन के अनुसार, आरोपितों ने मंटून राय को घेरने के बाद जमीन के विवाद को लेकर धमकी दी। आरोप है कि कहा गया कि जमीन का डिग्री कोर्ट से ले लिया है, मगर जमीन भोगने नहीं देंगे।
इसके बाद ताबड़तोड़ गोली चलाकर मंटू राय की हत्या कर दी गई। घटना में होमगार्ड जवान मंटून राय की मौत हो गई।
8 गवाहों की हुई गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाहों को अदालत में पेश किया गया। इनमें प्रत्यक्षदर्शी और संबंधित पुलिस पदाधिकारी के साथ डॉक्टर की गवाही भी शामिल रही।
गवाहों की गवाही और मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चंदन सिंह, नंदन सिंह और विमल राय को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
होमगार्ड जवान की हत्या के करीब नौ साल बाद आए इस फैसले से मामले में दोषी करार दिए गए तीनों आरोपितों को अब आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी।