नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता, बक्सर में चेतावनी स्तर के करीब गंगा; आज 10 जिलों में ऑरेंज और 18 में येलो अलर्ट
पटना। बिहार में मानसून की बारिश के साथ अब नदियों का बढ़ता जलस्तर भी लोगों की परेशानी बढ़ाने लगा है। राजधानी पटना में गंगा का पानी सड़क तक पहुंच गया है। मुंगेर में गंगा के बढ़ते पानी का असर चंडिका स्थान तक दिखाई दे रहा है। वहीं बक्सर में गंगा चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है। इसी बीच आज राज्य के 28 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें 10 जिलों में ऑरेंज और 18 जिलों में येलो अलर्ट है।
बारिश और नदियों के बढ़ते पानी ने एक साथ चिंता बढ़ा दी है। गंगा किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की नजर लगातार नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है।
पटना में सड़क तक पहुंचा गंगा का पानी
पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी निचले इलाकों के साथ सड़क तक पहुंच गया है। दियारा और नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई जगह खेतों में भी पानी फैलने लगा है।
पानी बढ़ने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। नदी किनारे रहने वाले लोग अपने सामान और पशुओं को सुरक्षित जगह पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को नदी के पास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। खासकर बच्चों को पानी के आसपास नहीं जाने देने की अपील की गई है।
मुंगेर में चंडिका स्थान तक पहुंचा पानी
मुंगेर में भी गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। इसका असर निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। चंडिका स्थान इलाके में पानी पहुंचने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है।
नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के और इलाकों में भी पानी पहुंचने की आशंका है। गंगा किनारे रहने वाले परिवारों की चिंता इसलिए बढ़ी हुई है क्योंकि लगातार बारिश के कारण स्थिति और बिगड़ सकती है।
लोगों का कहना है कि पानी बढ़ने के साथ रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन की टीमें भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बक्सर में चेतावनी स्तर के करीब गंगा
बक्सर में गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच चुकी है। इससे दियारा इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने को कहा जा रहा है। घाटों पर भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
लोगों को नदी में नहाने, तैरने और बिना जरूरत पानी के पास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। नाव से आने-जाने वालों को भी सावधानी बरतने को कहा जा रहा है।
28 जिलों में बारिश का अलर्ट
नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच मौसम भी बिहार का साथ नहीं छोड़ रहा है। आज राज्य के 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें 10 जिलों में ऑरेंज और 18 जिलों में येलो अलर्ट है।
कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरे हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
बारिश के दौरान लोगों को खुले मैदान में जाने से बचने की सलाह दी गई है। पेड़ के नीचे खड़े होने और बिजली चमकने के समय नदी या तालाब के पास जाने से भी बचने को कहा गया है।
अगले कुछ दिन भी अहम
बिहार में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। ऐसे में कई जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है। लगातार बारिश होने पर नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
गंगा के साथ दूसरी नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
बारिश के कारण शहरों में जलभराव और गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है। किसानों की चिंता भी बढ़ी है, क्योंकि खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है।
बारिश और बढ़ता पानी, दोनों ने बढ़ाई चिंता
बिहार में फिलहाल स्थिति दो तरफ से चुनौतीपूर्ण है। आसमान से बारिश का अलर्ट है और जमीन पर नदियों का पानी बढ़ रहा है। पटना में सड़क तक पहुंची गंगा, मुंगेर में चंडिका स्थान तक पहुंचा पानी और बक्सर में चेतावनी स्तर के करीब पहुंची नदी हालात की गंभीरता बता रही है।
अगर बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो नदियों का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल प्रशासन और राहत से जुड़ी टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील है कि नदी के बढ़ते पानी को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और मौसम की चेतावनी को हल्के में न लें।