नोटबंदी के करीब 10 साल बाद 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों की इतनी बड़ी खेप मिलने से हड़कंप; पुलिस ने गाजियाबाद के देवेंद्र को पकड़ा, आयकर विभाग और वित्तीय जांच एजेंसियों को भी सूचना
उत्तर प्रदेश के Hapur में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार के कब्जे से 1.43 करोड़ रुपये के पुराने बंद हो चुके नोट बरामद किए हैं। बरामद नोट 500 और 1000 रुपये के हैं, जिनका चलन नोटबंदी के बाद बंद कर दिया गया था। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित करेंसी मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये नोट कहां से आए, किसके हैं और इन्हें बदलने या किसी दूसरे तरीके से इस्तेमाल करने की क्या योजना थी।
पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने रोका, भागने लगा था बाइक सवार
पुलिस के मुताबिक, थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक अपनी टीम के साथ ततारपुर चौकी क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास पुराने नोटों के कई बंडल मिले। नोटों की गिनती और जांच के बाद इनकी कुल कीमत करीब 1.43 करोड़ रुपये निकली।

गाजियाबाद का देवेंद्र गिरफ्तार, पूछताछ में खुलेगा राज
पुलिस ने पकड़े गए युवक की पहचान देवेंद्र के रूप में की है। वह मूल रूप से गाजियाबाद के मुरादनगर का रहने वाला है और फिलहाल गाजियाबाद के नंद ग्राम में रह रहा था।
देवेंद्र को गिरफ्तार कर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि नोटबंदी के करीब एक दशक बाद इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोट उसके पास पहुंचे कैसे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह अकेले इस काम में शामिल था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
पुराने नोटों को बदलने या खपाने की थी तैयारी?
नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का सामान्य लेनदेन बंद हो चुका है। ऐसे में 1.43 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित करेंसी मिलने से पुलिस को संदेह है कि इन नोटों को बदलने या किसी तरीके से खपाने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
थाना प्रभारी पारस मलिक के मुताबिक, पुलिस अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखकर पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि रकम किसकी है और पुराने नोटों को रखने या आगे पहुंचाने के पीछे क्या उद्देश्य था।

आयकर विभाग और वित्तीय एजेंसियों को भी दी गई जानकारी
मामला सिर्फ स्थानीय पुलिस की जांच तक सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस ने आयकर विभाग और संबंधित वित्तीय जांच एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दी है। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि इस रकम का कोई वित्तीय लेनदेन, संगठित नेटवर्क या दूसरे लोगों से संबंध तो नहीं है।
पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
17.29 करोड़ के नकली नोटों के मामले के बीच दूसरी बड़ी बरामदगी
हापुड़ में यह बरामदगी ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने का मामला भी जांच के घेरे में है। उस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) तक पहुंच चुकी है और बैंक कर्मचारियों समेत कई लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
हालांकि, हापुड़ में मिले 1.43 करोड़ रुपये के पुराने नोटों का सहारनपुर के नकली नोट मामले से कोई संबंध है, ऐसा पुलिस ने अभी नहीं कहा है। फिलहाल दोनों मामलों की जांच अलग-अलग चल रही है।

हापुड़ पुलिस के सामने अब सबसे अहम सवाल यही हैं—1.43 करोड़ के ये पुराने नोट देवेंद्र तक पहुंचे कहां से, इसके पीछे कौन है और नोटबंदी के इतने साल बाद इन्हें बदलने या खपाने की कोशिश क्यों की जा रही थी।
