कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में देरी का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और NEET पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने जैसे मुद्दों पर सरकार की ओर से अब तक अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। CJP ने साफ किया है कि वह इन वादों के पूरा होने तक पीछे हटने वाली नहीं है।
24 अगस्त को CJP की अहम बैठक
कॉकरोच जनता पार्टी ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए 24 अगस्त को अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक में सरकार के साथ हुए आश्वासनों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति तय होगी। पार्टी के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर देशभर में एक बार फिर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
FIR वापस लेने के वादे पर उठाए सवाल
CJP का मुख्य आरोप प्रदर्शन और छात्रों से जुड़े मामलों में दर्ज FIR को लेकर है। पार्टी के अनुसार 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र से देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया था। CJP का दावा है कि सूची उपलब्ध कराने को लेकर केंद्र की ओर से अपेक्षित प्रतिबद्धता नहीं दिखाई गई। पार्टी इसे पहले दिए गए आश्वासनों से जोड़कर देख रही है।
NEET पीड़ित परिवारों के मुआवजे का भी मुद्दा
CJP ने मृतक NEET पीड़ितों के परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने के मुद्दे को भी अपने प्रमुख दावों में शामिल किया है। पार्टी का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के दौरान युवाओं से किए गए आश्वासनों में यह मुद्दा भी शामिल था, लेकिन अब तक इस दिशा में स्पष्ट औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सरकार से लिखित भरोसा चाहती है पार्टी
पार्टी का कहना है कि आंदोलन वापस लेने का फैसला सरकार की ओर से मिले आश्वासनों पर भरोसा करके लिया गया था। CJP के अनुसार अब सरकार की तरफ से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वादों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने संकेत दिया है कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होंगे और उसे लिखित भरोसे की जरूरत है।
CJP ने दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी
CJP ने कहा है कि सरकार को युवाओं से किए गए वादों को कमजोर करने, टालने या उनकी व्याख्या बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि अगर आश्वासनों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो शांतिपूर्ण आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। इससे पहले भी CJP ने सरकार को आंदोलन फिर शुरू करने की चेतावनी दी थी।
अब 24 अगस्त की बैठक पर नजर
फिलहाल CJP की अगली रणनीति 24 अगस्त की नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद स्पष्ट होगी। बैठक में सरकार के आश्वासनों की समीक्षा के साथ यह तय किया जाएगा कि संगठन आगे बातचीत का रास्ता अपनाएगा या फिर देशभर में आंदोलन की तैयारी करेगा। पार्टी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि वह युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पीछे हटने के मूड में नहीं है।