पटना। चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख Chirag Paswan ने विपक्ष की आलोचना पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने विपक्ष के रवैये को ‘सेलेक्टिव क्रिटिसिज्म’ बताते हुए कहा कि जिन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें बनती हैं, वहां चुनाव आयोग के नतीजों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते।
केरल और हिमाचल का दिया उदाहरण
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर चुनिंदा तरीके से सवाल उठाता है। उन्होंने केरल और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए पूछा कि इन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें बनने के बाद चुनावी नतीजों पर इसी तरह की आपत्तियां क्यों नहीं जताई गईं।
चिराग के मुताबिक, चुनाव आयोग की आलोचना में एक समान दृष्टिकोण होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाकर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और गरिमा पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी भी दल को आपत्ति है तो उसे तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने भी अपना पक्ष रखा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
SIR को लेकर जारी है सियासी बहस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, चिराग पासवान ने विपक्ष की आलोचना को चुनिंदा बताते हुए अलग-अलग राज्यों में चुनावी नतीजों को लेकर उसके रुख पर सवाल खड़े किए हैं।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के बीच चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची की प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को लेकर बहस जारी है।