पटना: बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर (आईएएस) के सम्मान में मंगलवार को एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (आईएएस) की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग की उपलब्धियों और प्रशासनिक सुधारों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। फिल्म में बी. राजेन्दर के कार्यकाल के दौरान विभाग में लागू किए गए विभिन्न सुधारों, नवाचारों और सुशासन से जुड़ी पहलों को विस्तार से दिखाया गया।

फिल्म में अभिलेखों के वैज्ञानिक प्रबंधन, HRMS, सहयोग पोर्टल और ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा गया। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग और बिपार्ड, गया को प्राप्त आईएसओ प्रमाणन तथा हाल ही में बिपार्ड, पटना को मिले आईएसओ प्रमाणन को भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्होंने बी. राजेन्दर के साथ लंबे समय तक काम किया। वक्ताओं ने उनके अनुशासित व्यक्तित्व, समयपालन, प्रशासनिक दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता और कार्यों के समयबद्ध निष्पादन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक सुधार और संस्थागत नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। अधिकारियों ने उन्हें प्रशासनिक सेवा के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
अपने विदाई संबोधन में बी. राजेन्दर ने अधिकारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्च मानक स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आमजन से निरंतर संवाद बनाए रखना और सरकारी कार्यों का समय पर निष्पादन सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही, संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्य संस्कृति को प्रशासन की सफलता का आधार बताते हुए अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बी. राजेन्दर के लंबे प्रशासनिक अनुभव और राज्य प्रशासन में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ी के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। मुख्य सचिव ने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना भी की।
समारोह के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बी. राजेन्दर को स्मृति-चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जया भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में बी. राजेन्दर ने अपनी प्रशासनिक यात्रा की सफलता का श्रेय अपनी पत्नी को देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे सेवाकाल में हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ दिया और वही उनके जीवन की सबसे बड़ी शक्ति रही।
कार्यक्रम का समापन बी. राजेन्दर के उज्ज्वल भविष्य और बिहार राज्य की निरंतर प्रगति की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।