बेटियों की सुरक्षा से लेकर निवेश तक, सम्राट चौधरी का बड़ा प्लान
पटना: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास को लेकर कई अहम मुद्दों पर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। महिला सुरक्षा, रोजगार, उद्योग, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार के रोडमैप की तस्वीर उनके संबोधन और हालिया फैसलों में दिखाई दी।
सरकार का एक बड़ा फोकस जहां स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर है, वहीं दूसरी तरफ बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े निवेश का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री पहले ही 20 नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य बता चुके हैं।
‘Police Didi’ पर खास नजर, बेटियों की सुरक्षा होगी मजबूत
बिहार सरकार ने छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘Police Didi’ यानी अभया ब्रिगेड को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और छेड़खानी जैसी घटनाओं पर तेजी से कार्रवाई करना है।
सरकार ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1,500 स्कूटी और पुलिसकर्मियों के लिए 3,200 मोटरसाइकिल खरीदने का फैसला किया है। इसके लिए करीब 66.75 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी।
Police Didi की तैनाती उन इलाकों में की जानी है जहां छात्राओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। इसका मकसद घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संवेदनशील स्थानों पर नियमित पेट्रोलिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
5 लाख करोड़ रुपये का निवेश, बिहार में उद्योग बढ़ाने की तैयारी
बिहार सरकार के विकास एजेंडे में निवेश और उद्योग को भी बड़ी जगह दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20 नवंबर 2026 तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा है। सरकार का कहना है कि निवेश बढ़ने से उद्योगों के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार हर जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने, औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने और निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। अधिकारियों को निवेशकों को सुरक्षा और बेहतर माहौल देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सिर्फ निवेश नहीं, रोजगार पर भी बड़ा फोकस
बिहार में उद्योग लगाने की कोशिश को रोजगार से सीधे जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पहले ही अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य बताया है। सरकार का दावा है कि उद्योग, कृषि आधारित कारोबार, मैन्युफैक्चरिंग और दूसरे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाने की मजबूरी कम करना और बिहार में ही अवसर तैयार करना है।
गरीब परिवारों और बिजली को लेकर भी योजना
राज्य सरकार की योजनाओं में बिजली और सौर ऊर्जा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री की ओर से गरीब परिवारों तक सोलर ऊर्जा पहुंचाने की दिशा में योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
सरकार का फोकस आने वाले समय में बिजली की उपलब्धता के साथ-साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसी योजनाएं बिजली के खर्च को कम करने में मददगार हो सकती हैं।
पंचायत स्तर पर सीधे सुनी जाएंगी लोगों की समस्याएं
सम्राट चौधरी सरकार ने प्रशासन को लोगों के करीब लाने के लिए ‘सहयोग शिविर’ की व्यवस्था भी शुरू की है। पंचायत स्तर पर लगाए जाने वाले इन शिविरों में आम लोगों की समस्याएं और आवेदन लिए जाने हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों का तय समय के भीतर निपटारा किया जाए। पहले की घोषणा के मुताबिक 30 दिनों के भीतर आवेदन के निष्पादन पर जोर दिया गया है और अनावश्यक रूप से मामले लंबित रखने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार का रोडमैप
बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इन स्कूलों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ विकसित करने का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार जिला और अनुमंडल अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है, ताकि मरीजों को छोटी या सामान्य समस्याओं के लिए दूसरे स्थानों पर रेफर न करना पड़े।
उद्योग के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी नजर
निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सिर्फ उद्योग लगाना ही काफी नहीं है। इसके लिए सड़क, बिजली, जमीन और दूसरे बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी। सरकार ने औद्योगिक कॉरिडोर और अलग-अलग क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।
हाल में मुख्यमंत्री ने हर जिले में कम से कम एक बड़ा उद्योग स्थापित करने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में भी लक्ष्य रखा है।
सम्राट चौधरी सरकार के सामने बड़ी चुनौती
सरकार ने निवेश और रोजगार को लेकर बड़े लक्ष्य जरूर तय किए हैं, लेकिन असली चुनौती इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने की होगी। 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के लिए उद्योगों को जमीन, बिजली, सड़क, सुरक्षा और प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी होगा।
इसी तरह Police Didi योजना का असर भी तभी दिखाई देगा जब पेट्रोलिंग नियमित हो और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो।
बिहार के लिए क्या बदल सकता है?
अगर सरकार अपने घोषित लक्ष्यों को समय पर लागू कर पाती है तो इसका असर कई क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है, निवेश से उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है और रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।
इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पंचायत स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार से आम लोगों को सीधे फायदा पहुंचने की उम्मीद है।