पुरशुरा से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी करेंगे भुगतान कार्यक्रम की शुरुआत; किसान सहायता योजना का नाम बदलने का फैसला, प्रति किस्त 3,000 रुपये देने की घोषणा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार 5 नवंबर को किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हुगली जिले के पुरशुरा से इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य के 50 लाख से अधिक किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की तैयारी है।
सरकार ने किसान सहायता योजना के नाम में बदलाव का भी फैसला किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मौजूदा ‘कृषक बंधु’ योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ किया जाएगा। हालांकि, योजना के नाम, लाभार्थियों की पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।
कितनी राशि मिलेगी किसानों को?
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। उपलब्ध रिपोर्ट में प्रति किस्त 3,000 रुपये की राशि और दो किस्तों का उल्लेख है। इस हिसाब से पात्र किसानों को राज्य की ओर से कुल 6,000 रुपये तक की सहायता दिए जाने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 नवंबर को पुरशुरा में आयोजित कार्यक्रम से किसानों के बैंक खातों में राशि भेजी जाएगी। अन्य जिलों के लाभार्थी भी इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। हालांकि, भुगतान की वास्तविक संख्या, पात्र लाभार्थियों की सूची और बैंक खातों में राशि पहुंचने की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों से ही होगी।
48 लाख या 50 लाख से अधिक किसान?
उपलब्ध विवरणों में लाभार्थियों की संख्या को लेकर अंतर है। एक जानकारी में लगभग 48 लाख पंजीकृत किसानों का उल्लेख है, जबकि मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित दूसरी रिपोर्टों में 50 लाख से अधिक किसानों को लाभ देने की बात कही गई है।
इस अंतर को देखते हुए दोनों आंकड़ों को एक ही अंतिम संख्या मानना उचित नहीं होगा। 5 नवंबर के कार्यक्रम से पहले सरकार की आधिकारिक लाभार्थी सूची या विभागीय आंकड़े आने पर वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
नई उद्योग नीति भी इसी दिन होगी घोषित
5 नवंबर को राज्य सरकार के दो प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। एक ओर किसानों को सहायता राशि देने की योजना है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी नवान्न से नई उद्योग नीति की घोषणा करेंगे। कैबिनेट ने 28 अक्टूबर को उद्योग नीति के मसौदे को मंजूरी दी थी।

सरकार का कहना है कि किसान सहायता और औद्योगिक निवेश, दोनों के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। किसानों के लिए घोषित सहायता का लाभ कितना व्यापक होगा, यह भुगतान के बाद सामने आने वाले आधिकारिक आंकड़ों से स्पष्ट होगा।
