महाबोधि मंदिर और कालचक्र मैदान के आसपास बड़े वाहनों की एंट्री पर रोक, बिना पास वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध; डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी नियंत्रित
गया: पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर गया और बोधगया में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बोधगया पहुंचने की संभावना को देखते हुए वाहनों के रूट, नो-एंट्री, डायवर्जन, बैरिकेडिंग और पार्किंग को व्यवस्थित किया गया है।
यह विशेष ट्रैफिक व्यवस्था 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान महाबोधि मंदिर परिसर, कालचक्र मैदान और आसपास के इलाकों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए बड़े वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।
महाबोधि मंदिर की ओर बड़े वाहनों की एंट्री बंद
प्रशासन की योजना के अनुसार नोड-01 से महाबोधि मंदिर और कालचक्र मैदान की तरफ बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा एसबीआई मोड़ से महाबोधि मंदिर की ओर बिना वैध पास वाले वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वर्मा मोड़ की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था लागू रहेगी।
मेला अवधि के दौरान मंदिर परिसर और कालचक्र मैदान के आसपास होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए एम्बेसी मोड़ और वर्मा मोड़ की तरफ से वाहनों की आवाजाही पर विशेष प्रतिबंध रहेगा।
छोटे वाहनों और बाइक के लिए डायवर्जन
प्रशासन ने छोटे वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किया है। एम्बेसी मोड़ से आने वाले छोटे वाहन और बाइक बाएं मुड़कर उत्तर दिशा में सुजाता बाईपास रोड से होते हुए राजापुर तथा अन्य निर्धारित स्थानों की तरफ जा सकेंगे।
इसी तरह वर्मा मोड़ की तरफ से आने वाले छोटे वाहन और मोटरसाइकिल राजापुर के रास्ते आगे के क्षेत्रों की ओर जाएंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य महाबोधि मंदिर और मेला क्षेत्र के आसपास अनावश्यक भीड़ और जाम को नियंत्रित करना है।
राजापुर मोड़ से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक
ट्रैफिक प्लान के तहत राजापुर मोड़ से दक्षिण दिशा में बोधगया की ओर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
हालांकि, ऐसे बड़े वाहन जिन्हें पच्छहट्टी मोड़ से सुजातागढ़ की ओर नदी पार कर जाना है, उन्हें निर्धारित मार्ग से आगे जाने की अनुमति रहेगी।
वहीं वर्मा मोड़ से महाबोधि मंदिर की ओर बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन का फोकस
पितृपक्ष मेले के दौरान गया के साथ-साथ बोधगया में भी देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की चुनौती होगी।
विशेष ट्रैफिक प्लान में नो-एंट्री, रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इसका मकसद मेला क्षेत्र में यातायात को व्यवस्थित रखना और श्रद्धालुओं को अनावश्यक जाम से बचाना है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि मेला अवधि में निर्धारित रूट और ट्रैफिक नियमों का पालन करें तथा बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन लेकर जाने से बचें। विशेष रूप से महाबोधि मंदिर और कालचक्र मैदान के आसपास जाने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा तय यातायात व्यवस्था का ध्यान रखना होगा।