बिहारशरीफ। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, नालंदा द्वारा बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त 19 मामलों की सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान संबंधित लोक प्राधिकारों एवं पदाधिकारियों को आमजनों की शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुनवाई में अतिक्रमण हटाने, नाली के पानी की निकासी, ऑनलाइन राजस्व रसीद में भूमि विवरण शून्य किए जाने, जमाबंदी, भूमि विवाद, भूमि मापी, नामांतरण वाद, निजी जमीन से विद्युत तार ले जाने एवं विद्युत पोल लगाने सहित विभिन्न मामलों पर सुनवाई हुई। संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए कई शिकायतों का निष्पादन किया गया।
वहीं, अतिक्रमणमुक्त कराने, खाता एवं खेसरा में सुधार, भूमि विवाद तथा फर्जी वंशावली निर्गत किए जाने से जुड़े मामलों में आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के लिए सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित की गई।
सुनवाई के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ मामलों का निवारण संबंधित लोक प्राधिकारों द्वारा निर्धारित सुनवाई की तिथि से पूर्व ही कर दिया गया था। इन मामलों में की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
अपर समाहर्ता ने शेष मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक शिकायतों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
शिकायतों के निष्पादन के दौरान आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।