बिहारशरीफ। उप विकास आयुक्त सारा अशरफ की अध्यक्षता में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, पोषण ट्रैकर, FRS, बच्चों की आधार एवं अपार आईडी, भवन निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
आंगनबाड़ी केंद्र भवनों में बिजली, पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता पर डीडीसी ने असंतोष जताते हुए सभी केंद्रों पर शत-प्रतिशत बिजली कनेक्शन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
इसके लिए बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र भेजने तथा सभी सीडीपीओ को व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य पूरा कराने को कहा गया। इसकी प्रविष्टि पोषण ट्रैकर के इंफ्रास्ट्रक्चर में करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए उपलब्ध भूमि की भी समीक्षा की गई। सभी एनओसी प्राप्त जमीन का भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि भूमि भवन निर्माण के लिए उपयुक्त है या नहीं।
नगर पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध उपयुक्त भूमि को चिन्हित कर नाबार्ड के माध्यम से भवन निर्माण कराने का निर्देश दिया गया। मनरेगा एवं स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को दी गई भूमि पर निर्माण कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा गया।
डीडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत FRS सुनिश्चित करने तथा टेक होम राशन और गर्म पका भोजन के वितरण की शत-प्रतिशत एंट्री कराने का निर्देश दिया। आवश्यकता पड़ने पर सेविकाओं को प्रशिक्षण देने और प्रतिदिन अभियान चलाकर FRS की एंट्री कराने को कहा गया।
बच्चों की अपार आईडी कम संख्या में बनने पर भी चिंता जताई गई। आधार निर्माण में आ रही समस्या को देखते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को डीआरडीए निदेशक से समन्वय कर पंचायतों में आधार निर्माण के लिए कैंप लगाने हेतु रोस्टर तैयार कराने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा बच्चों के वजन में आ रही परेशानी को देखते हुए खराब वजन मशीन वाले केंद्रों को आसपास के केंद्रों से समन्वय कर सही मशीन उपलब्ध कराने तथा बच्चों का वजन सुनिश्चित करने को कहा गया।
अधिक SAM बच्चों वाले परियोजनाओं का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई, आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम शत-प्रतिशत कराने तथा सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर जरूरत के अनुसार रेनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य मनरेगा के सहयोग से कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की भी समीक्षा की गई और सभी सीडीपीओ को अपने-अपने परियोजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस, डीआरडीए निदेशक, निदेशक एनईपी, डीपीओ मनरेगा एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित रहे।