नालंदा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बिहारशरीफ के अस्पताल चौराहा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। RJD ने 25 सितंबर को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन करने का कार्यक्रम घोषित किया था।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान RJD के निवर्तमान जिलाध्यक्ष अशोक कुमार हिमांशु ने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर पार्टी की आपत्तियां रखीं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने SIR के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े सवालों को जनता के सामने रखा है।
हिमांशु ने कहा कि RJD के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी शिकायतें भी दर्ज कराई थीं। पार्टी का आरोप है कि इन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ये आरोप RJD की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनाव रद्द कराने की मांग का समर्थन
अशोक कुमार हिमांशु ने तेजस्वी यादव की ओर से बिहार समेत पांच राज्यों में चुनाव रद्द कर नए सिरे से मतदान कराने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि RJD चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।
RJD ने अपने राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। अलग-अलग जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया।
चुनाव आयोग की भूमिका क्या है?
भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक प्राधिकरण है, जिसे चुनावों के संचालन और मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों के दावों और चुनाव आयोग की आधिकारिक स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में सुनील यादव, मनोज यादव, अनिल महाराज, दीपक कुमार, कल्लू यादव, मिथिलेश प्रसाद, खुर्शीद अंसारी, प्रमोद गुप्ता और जितेंद्र पासवान सहित बड़ी संख्या में RJD कार्यकर्ता मौजूद रहे।