खरीक, भागलपुर। राघोपुर-काजीकोरैया जमींदारी बांध पर गंगा का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 500 मीटर के क्षेत्र में गंगा की तेज धारा बांध से टकरा रही है। इसके कारण बांध पर लगातार दबाव बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बांध के कभी भी टूटने की आशंका को देखते हुए आसपास के घरों को खाली कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से में फिर बढ़ा कटाव
बताया जा रहा है कि जमींदारी बांध का करीब 30 मीटर हिस्सा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब उसी कटाव स्थल के पास करीब 20 मीटर हिस्से में दोबारा कटाव हुआ है। तेज बहाव के कारण बांध का एक साइड नोज भी ध्वस्त हो गया है। क्षतिग्रस्त हिस्से के समीप गंगा के पानी में घूर्णन बनने से नदी की मुख्य धारा बैक होकर टूटे तटबंध की ओर आ रही है। पानी की तेज धारा टूटे हुए हिस्से से टकराकर बांध की ओर लौट रही है, जिससे आसपास के हिस्से पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
कटावरोधी कार्य में जुटा जल संसाधन विभाग
बांध पर बढ़ते खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने कटावरोधी कार्य में तेजी ला दी है। विभागीय अधिकारी और कर्मी मौके पर कैंप कर क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित करने में जुटे हैं। कटाव को रोकने के लिए बचाव एवं कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है।
बांध टूटा तो कई गांवों में पहुंच सकता है पानी
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा तो बांध कभी भी पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है। यदि जमींदारी बांध पूरी तरह टूटता है तो आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है। इससे बड़ी आबादी प्रभावित होने के साथ ही घरों, फसलों और आवागमन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम लगातार बांध की निगरानी कर रही है। आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा जा रहा है।