SARAN NEWS: शिक्षा से वंचित रह गई महिलाओं को अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने का दूसरा अवसर देने के उद्देश्य से बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (BBOSE), जीविका, एजुकेट गर्ल्स और प्रथम की संयुक्त पहल शुरू की गई है। इसके तहत जीविका दीदियों को BBOSE के माध्यम से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जीविका दीदियों को मिलेगा अधूरी पढ़ाई पूरी करने का अवसर
इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश अपनी 10वीं या 12वीं की पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। BBOSE की मुक्त विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से ऐसे शिक्षार्थियों को नियमित विद्यालयी शिक्षा के बाहर अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने और परीक्षा देने का अवसर मिलता है।
पहल के तहत जीविका दीदियों के बीच BBOSE में नामांकन और परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। परीक्षा पास करने के बाद महिलाएं आगे की शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े अवसरों की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
BBOSE के जरिए शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर जोर
BBOSE ऐसी शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराता है, जिसके माध्यम से नियमित विद्यालयी शिक्षा पूरी नहीं कर पाने वाले शिक्षार्थी 10वीं और 12वीं की शिक्षा पूरी कर सकते हैं।
इस पहल के जरिए BBOSE की शिक्षा व्यवस्था को ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाने और अधिक से अधिक जीविका दीदियों का नामांकन कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सोनपुर में लाइब्रेरी को फैसिलिटेशन सेंटर बनाने की पहल
इसी क्रम में BBOSE के वरीय कार्यपालक पदाधिकारी मानस मिलिंद ने गोगल सिंह इंटर स्तरीय विद्यालय, नयागांव, सोनपुर में जीविका द्वारा संचालित लाइब्रेरी का अवलोकन किया।
लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकें, कंप्यूटर, इंटरनेट और अखबार जैसी सुविधाओं का जायजा लिया गया। उद्देश्य यह है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग जीविका दीदियों के मार्गदर्शन के लिए फैसिलिटेशन सेंटर के रूप में किया जा सके।
इसके बाद सिद्धि जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी समिति, गोपालपुर, सोनपुर, जिला सारण का भी अवलोकन किया गया।
जीविका दीदियों से संवाद कर शिक्षा के महत्व पर चर्चा
मानस मिलिंद ने जीविका दीदियों के साथ संवाद किया और उन्हें BBOSE में 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा देने से मिलने वाले अवसरों के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान BBOSE में नामांकन की प्रक्रिया और परीक्षा के तौर-तरीकों के बारे में भी बताया गया। जीविका दीदियों ने शिक्षा से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा किए।
महिलाओं को अपनी अधूरी शिक्षा पूरी करने के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा को आत्मविश्वास, बेहतर अवसर और आगे बढ़ने का माध्यम बताया गया।
अध्ययन केंद्रों को मजबूत करने पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा मीनू कुमारी से भी विचार-विमर्श किया गया।
इसमें जिले में संचालित BBOSE अध्ययन केंद्रों को और मजबूत करने तथा आवश्यकता के अनुसार नए अध्ययन केंद्र खोलने से जुड़े सुझावों पर चर्चा हुई।
अधिकारियों की ओर से अध्ययन केंद्रों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने और अधिक से अधिक नामांकन के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया गया।
एजुकेट गर्ल्स और प्रथम की भी सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में एजुकेट गर्ल्स से नीरज, प्रकाश सिंह और रितु देवी, प्रथम से प्रमोद शाह, सिद्धि जीविका से जितेंद्र कुमार तथा BPM जीविका स्वाति की सक्रिय सहभागिता रही।
सभी ने जीविका दीदियों को BBOSE के माध्यम से अपनी अधूरी शिक्षा पूरी करने के लिए प्रेरित किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
महिलाओं के लिए शिक्षा से आगे बढ़ने की नई राह
यह पहल जीविका दीदियों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे सकती है।
आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बिहार में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन महिलाओं तक शिक्षा का अवसर पहुंचाना है, जो किसी कारण से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं।