Amit Malviya Out: भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 अगस्त को नई टीम का ऐलान किया, जिसमें 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे शामिल हैं। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा जिन नामों को लेकर है, उनमें अमित मालवीय भी शामिल हैं। करीब 11 साल तक BJP के IT और सोशल मीडिया विभाग की कमान संभालने वाले मालवीय को नई राष्ट्रीय टीम में यह जिम्मेदारी नहीं मिली है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को नया IT और सोशल मीडिया प्रमुख बनाया गया है।
हालांकि, इसे अमित मालवीय का BJP से बाहर होना नहीं कहा जा सकता। उन्हें फिलहाल नई राष्ट्रीय टीम में कोई प्रमुख संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी गई है और पार्टी में उनकी आगे की भूमिका को लेकर अंतिम फैसला स्पष्ट नहीं है।
11 साल बाद बदली IT और सोशल मीडिया की कमान
अमित मालवीय वर्ष 2015 से BJP के IT और सोशल मीडिया विभाग का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान पार्टी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी काफी मजबूत की। वह सिर्फ सोशल मीडिया रणनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पिछले करीब छह वर्षों से पश्चिम बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी की भूमिका भी निभा रहे थे।
हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के बाद मालवीय की भूमिका की चर्चा और बढ़ गई थी। पार्टी ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई और इस चुनावी सफलता में संगठन और डिजिटल रणनीति से जुड़े नेताओं का योगदान महत्वपूर्ण माना गया।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि बंगाल में अहम भूमिका निभाने वाले मालवीय को नई राष्ट्रीय टीम में जगह क्यों नहीं मिली?
क्या सोशल मीडिया प्रदर्शन वजह है?
अमित मालवीय को हटाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हुई हैं। कुछ विश्लेषण इसे BJP के सामने सोशल मीडिया पर कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों की बढ़ती चुनौती तथा युवाओं, खासकर Gen Z तक पार्टी की पहुंच से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि BJP से जुड़े सूत्रों ने इस तरह की व्याख्याओं को खारिज किया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मालवीय को हटाने के फैसले को हाल की कुछ घटनाओं से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
मालवीय खुद भी जिम्मेदारी बदलना चाहते थे?
इस पूरे घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सूत्रों के मुताबिक अमित मालवीय पहले भी अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जाहिर कर चुके थे।
रिपोर्ट के अनुसार, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मालवीय ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी भूमिका बदलने की इच्छा रखी थी। उन्होंने नितिन नबीन और BJP के शीर्ष नेतृत्व के साथ अपने भविष्य की जिम्मेदारी और उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा भी की थी।
NDTV की रिपोर्ट के हवाले से यह भी सामने आया है कि IT विभाग की जिम्मेदारी के लिए नए चेहरे की तलाश के दौरान विचार किए गए कुछ नाम खुद मालवीय ने सुझाए थे।
UP के समीकरण से भी जुड़ा है मामला?
अमित मालवीय उत्तर प्रदेश से आते हैं और BJP की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को खास प्रतिनिधित्व मिला है। 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए संगठन में राज्य का प्रतिनिधित्व बढ़ाना पार्टी की प्राथमिकताओं में माना जा रहा है।
नई टीम में उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को महासचिव बनाया गया है, जबकि रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
सूत्रों के मुताबिक, हरीश द्विवेदी को महासचिव बनाए जाने के बाद उसी स्तर पर अमित मालवीय को समायोजित करना आसान नहीं था। दोनों उत्तर प्रदेश से आते हैं और एक ही सामाजिक समूह से संबंधित बताए जाते हैं। इसके अलावा मालवीय की उम्र भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष या सचिव जैसे पदों के लिए वरिष्ठता के लिहाज से एक कारक मानी गई है।
हालांकि, इन वजहों को BJP की ओर से आधिकारिक तौर पर अमित मालवीय को हटाने का कारण नहीं बताया गया है। इसलिए इन्हें पार्टी सूत्रों और रिपोर्टों में सामने आए संभावित कारण के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बंगाल में मालवीय की भूमिका की हुई थी तारीफ
अमित मालवीय पिछले कुछ वर्षों से BJP के पश्चिम बंगाल अभियान से भी जुड़े रहे। वह राज्य के सह-प्रभारी थे और पार्टी के जमीनी तथा डिजिटल अभियान में उनकी भूमिका रही।
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP ने TMC को सत्ता से हटाकर सरकार बनाई। इस चुनाव में मालवीय की भूमिका को पार्टी के भीतर सराहनीय माना गया।
यही वजह है कि नई राष्ट्रीय टीम में उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं।
BJP के डिजिटल सफर में मालवीय का लंबा कार्यकाल
करीब 11 वर्षों तक IT और सोशल मीडिया विभाग का नेतृत्व करने के दौरान BJP की डिजिटल पहुंच में बड़ा विस्तार हुआ। पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स की संख्या में इस अवधि में काफी वृद्धि हुई।
Live Hindustan की रिपोर्ट के मुताबिक, BJP के X अकाउंट के फॉलोअर्स 2013 में कुछ लाख के स्तर से बढ़कर अब करोड़ों में पहुंच चुके हैं। YouTube और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी पार्टी ने अपनी पहुंच का विस्तार किया है।
यानी मालवीय के कार्यकाल में BJP ने डिजिटल राजनीति को संगठन और चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
अब दीपक म्हास्के के सामने बड़ी चुनौती
अमित मालवीय की जगह अब छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को BJP के IT और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी मिली है। म्हास्के की पृष्ठभूमि अकादमिक क्षेत्र से जुड़ी है और उन्हें चुनावी डेटा तथा संगठनात्मक रणनीति की समझ रखने वाले व्यक्ति के तौर पर देखा जाता है।
उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती BJP की डिजिटल पहुंच को आगे बढ़ाने के साथ-साथ युवा और Gen Z मतदाताओं के बीच पार्टी की मौजूदगी को और मजबूत करने की होगी।
BJP की नई टीम ऐसे समय में सामने आई है जब पार्टी के सामने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव और 2029 का लोकसभा चुनाव है। नई टीम में अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है।
अमित मालवीय का अगला कदम क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमित मालवीय को आगे BJP में कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें पार्टी से बाहर नहीं किया गया है और उनकी भविष्य की भूमिका पर अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं है।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि अमित मालवीय BJP की नई राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम से बाहर हैं, लेकिन BJP से बाहर नहीं हुए हैं। 11 साल बाद IT और सोशल मीडिया विभाग की कमान बदलना पार्टी के संगठनात्मक और डिजिटल रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव जरूर है।
Disclaimer
इस रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सामने आए संभावित कारणों को उसी रूप में प्रस्तुत किया गया है। अमित मालवीय को नई टीम में शामिल न किए जाने की सभी वजहों पर BJP की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।