IIT कानपुर से पढ़ाई, जापान में नौकरी और फिर राष्ट्रीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे
सासाराम/डेहरी आन सोन। रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के अहिरांव गांव निवासी अभिषेक आनंद अब जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बन गए हैं। मंगलवार को होने वाले भारत-जापान टी-20 मुकाबले में भले ही उन्हें खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिला हो, लेकिन जापान की राष्ट्रीय टीम के सदस्य के रूप में उनकी मौजूदगी दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेगी।
अभिषेक आनंद के पिता विष्णु देव राय पुलिस निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। स्वजनों के अनुसार, अभिषेक का क्रिकेट से जुड़ाव IIT कानपुर में पढ़ाई के दौरान ही गहरा हो गया था। वह IIT कानपुर की क्रिकेट टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें जापान की एक्सेंचर कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव मिला। अभिषेक नौकरी के साथ क्रिकेट पर भी ध्यान देना चाहते थे। जापान में क्रिकेट की संभावनाओं के बारे में जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने जापान जाने का फैसला किया।
टोक्यो पहुंचकर भी जारी रखा क्रिकेट
जापान पहुंचने के बाद अभिषेक ने नौकरी के साथ क्लब क्रिकेट खेलना जारी रखा। स्थानीय क्रिकेट में उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा। करीब तीन वर्ष के भीतर उन्होंने जापान की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बना ली।
इस तरह रोहतास के एक छोटे से गांव से निकले अभिषेक का सफर IIT कानपुर से होते हुए जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम तक पहुंच गया।
इस बार भारत के खिलाफ नहीं मिला मौका
22 सितंबर को भारत और जापान के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले के लिए घोषित जापान की 15 सदस्यीय टीम में अभिषेक आनंद को जगह नहीं मिली है। ऐसे में वह इस मुकाबले में मैदान पर खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।
हालांकि, अभिषेक जापान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ जापान की ओर से टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
ऐसे मिली जापान की राष्ट्रीय टीम में जगह
अभिषेक के पिता विष्णुदेव राय के अनुसार, जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल होने के लिए वहां लगातार तीन वर्ष तक रहना, जापान में जन्म लेना या जापानी पासपोर्ट होना पात्रता की प्रमुख शर्तों में शामिल है।
अभिषेक ने जापान में लगातार तीन वर्ष रहने की पात्रता पूरी की। इसके बाद स्थानीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन और अनुशासन ने भी राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन से मिलने की इच्छा
भारत-जापान मुकाबले को लेकर अभिषेक आनंद भी खासे उत्साहित हैं। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। खास तौर पर वह वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन से मुलाकात करना चाहते हैं।
अभिषेक के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि एक ओर उनकी जन्मभूमि भारत है, तो दूसरी ओर उनका वर्तमान क्रिकेट सफर जापान से जुड़ा हुआ है। रोहतास से जापान की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने की उनकी कहानी जिले के क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी खास चर्चा का विषय बन गई है।