चोरी के मामलों में फरार चल रहे आरोपितों की तलाश में उत्तर प्रदेश की रेल पुलिस ने बिहार के मुंगेर जिले में छापेमारी की। प्रयागराज जीआरपी थाने से उप निरीक्षक संजय कुमार यादव के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम मुंगेर पहुंची और स्थानीय पुलिस से संपर्क कर अलग-अलग इलाकों में संभावित ठिकानों की तलाशी ली। टीम न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट लेकर आई थी।
पुलिस टीम ने सबसे पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में संपर्क स्थापित किया। इसके बाद श्रवण बाजार निवासी अरशद और गुलजार पोखर निवासी एजाज अहमद की तलाश में दबिश दी गई। दोनों के विरुद्ध प्रयागराज रेल थाना में चोरी का मामला दर्ज बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वे मामले में फरार चल रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट जारी किया गया है।
पुलिस ने वारंट और गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई
प्रयागराज से आई टीम ने केवल दो नामजद आरोपितों तक अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी। पुलिस ने पूरबसराय थाना क्षेत्र के दिलावरपुर इलाके में भी तीसरे आरोपित की तलाश में छापेमारी की। इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया गया। अचानक दूसरे राज्य की रेल पुलिस के पहुंचने और अलग-अलग इलाकों में तलाशी लेने से स्थानीय स्तर पर हलचल देखी गई।
उप निरीक्षक संजय कुमार यादव के अनुसार, चोरी के मामले में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट जारी हुआ है। इसी आदेश के आधार पर मुंगेर में छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया कि छापेमारी के दौरान किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया या कोई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।

जांच के केंद्र में नेटवर्क और घटनाक्रम
रेलवे परिसर और ट्रेनों में होने वाली चोरी के मामलों की जांच अक्सर संबंधित रेल थाना करता है। यदि किसी मामले के आरोपित दूसरे जिले या राज्य में होने की जानकारी मिलती है, तो जांच टीम स्थानीय पुलिस से समन्वय कर वहां कार्रवाई करती है। इस मामले में भी प्रयागराज जीआरपी ने मुंगेर पुलिस से संपर्क कर वारंट के आधार पर तलाश की। स्थानीय पुलिस की मदद से संभावित ठिकानों तक पहुंचना कार्रवाई का हिस्सा रहा।
फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य फरार आरोपितों का पता लगाना और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करना है। पुलिस उनके परिचितों, संभावित ठिकानों और स्थानीय संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। हालांकि किसी व्यक्ति की संलिप्तता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। आरोपितों के विरुद्ध दर्ज मूल चोरी के मामले का विस्तृत घटनाक्रम और चोरी की संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध सूचना में नहीं दिया गया है।
मुंगेर में हुई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि दूसरे राज्य में दर्ज रेल अपराधों की जांच बिहार तक पहुंच रही है। प्रयागराज जीआरपी की टीम वारंट लेकर आई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कई स्थानों पर दबिश दी। अब आगे की कार्रवाई आरोपितों की गिरफ्तारी और संबंधित मामले में साक्ष्य जुटाने पर निर्भर करेगी।
