सारण 42 लाख तेल चोरी के मामले में ट्रक से गायब किए गए मैजेस्टी सोयाबीन रिफाइन तेल का सुराग जीपीएस लोकेशन और मिठाई दुकान पर मिले खाली डिब्बे से मिला। रक्सौल से मेरठ के लिए निकला तेल निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंचा तो ट्रांसपोर्टर पक्ष ने ट्रक की लोकेशन खंगाली। जांच में ट्रक को सारण जिले के कोपा थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर खड़ा पाया गया। इसके बाद पुलिस के साथ जलालपुर पहुंचे ट्रांसपोर्टर पक्ष को एक मिठाई दुकान पर तेल का खाली डिब्बा मिला। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और चोरी का तेल बरामद करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया।
31 अक्टूबर को रक्सौल से मेरठ के लिए रवाना हुआ था ट्रक
मिली जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर को पूर्वी चंपारण के रक्सौल से एक ट्रक पर करीब 42 लाख रुपये मूल्य का मैजेस्टी सोयाबीन रिफाइन तेल लोड किया गया था। माल को उत्तर प्रदेश के मेरठ पहुंचाया जाना था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी ट्रक मंजिल तक नहीं पहुंचा तो ट्रांसपोर्टर को संदेह हुआ। रक्सौल निवासी ट्रांसपोर्टर वीरेंद्र प्रसाद के पुत्र गोविंद कुमार ने जीपीएस के जरिए वाहन की लोकेशन जांची।
जीपीएस से ट्रक को कोपा थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर खड़ा पाया गया। इसके बाद गोविंद कुमार ने कोपा थानाध्यक्ष संजीत कुमार को सूचना दी। ट्रक के निर्धारित मार्ग और गंतव्य तक नहीं पहुंचने की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक माल बेचने के बाद ट्रक को पेट्रोल पंप पर छोड़कर फरार हो गया था।
मिठाई दुकान के खाली डिब्बे से मिला सुराग
ट्रक की लोकेशन मिलने के बाद गोविंद कुमार पुलिस के साथ जलालपुर पहुंचे। वहां एक मिठाई दुकान पर मैजेस्टी सोयाबीन तेल का खाली डिब्बा देखकर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने दुकानदार से तेल की खरीद और उपलब्धता के संबंध में पूछताछ की। इस जानकारी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। छानबीन के दौरान पता चला कि ट्रक से गायब किया गया तेल जलालपुर क्षेत्र में खपाया गया है।

इस मामले में खाली डिब्बा जांच की दिशा तय करने वाला अहम सुराग बना। पुलिस ने दुकानदार से मिली जानकारी और अन्य तथ्यों के आधार पर संबंधित स्थानों की पहचान की। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई की तैयारी की गई।
दो थानों की टीम ने की संयुक्त छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोपा थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने जलालपुर थानाध्यक्ष पप्पू कुमार और एसआई अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की। दोनों थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। इस दौरान जलालपुर की एक दुकान से चोरी का रिफाइन तेल बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ट्रक से माल निकालने और उसे अलग-अलग स्थानों पर बेचने में किन लोगों की भूमिका रही। हेराफेरी में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी जारी है।
चालक की भूमिका और नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में चालक द्वारा रास्ते में पूरा माल बेचने और ट्रक को पेट्रोल पंप पर छोड़कर फरार होने की बात सामने आई है। हालांकि, माल की पूरी सप्लाई चेन, बिक्री में शामिल लोगों और रकम के लेन-देन का विस्तृत ब्योरा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि तेल की खेप किस तरह जलालपुर तक पहुंची और क्या इसमें अन्य कारोबारी या बिचौलिये भी शामिल थे।

इस घटना में जीपीएस तकनीक ने ट्रक की लोकेशन तक पहुंचने में मदद की, जबकि खाली डिब्बे ने कथित तौर पर माल की बिक्री का स्थानीय सुराग दिया। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में दो गिरफ्तारियां और चोरी का तेल बरामद होने की पुष्टि हुई है। आगे की जांच के आधार पर मामले में अन्य नाम सामने आ सकते हैं।
