विशेष सर्वेक्षण अमीन प्रशिक्षण की व्यवस्था बिहार में राजस्व कर्मचारियों की जारी हड़ताल के बीच की गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रतिनियुक्त विशेष सर्वेक्षण अमीनों को विभागीय कार्यों की जानकारी देने के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तय किया है। प्रशिक्षण कार्यशाला 11 से 20 नवंबर 2026 के बीच ऑनलाइन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी। इसका उद्देश्य प्रतिनियुक्त कर्मियों को राजस्व कर्मचारी के दायित्वों और ऑनलाइन सेवाओं के संचालन से परिचित कराना है, ताकि हड़ताल के दौरान विभागीय कामकाज को सुचारू रखने में मदद मिल सके।
जिलाधिकारियों को तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पाण्डेय ने गुरुवार, 5 नवंबर को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण की तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा है। पत्र में प्रतिनियुक्त कर्मियों से विभागीय दायित्वों का संचालन कराने से पहले उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देना जरूरी बताया गया है। विभाग की योजना के अनुसार प्रशिक्षण केवल सामान्य परिचय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंचल कार्यालयों में राजस्व कर्मचारी से जुड़े कामकाज और ऑनलाइन प्रणाली के उपयोग पर केंद्रित होगा।
जिलाधिकारियों को अनुमंडल स्तर पर सुविधायुक्त प्रशिक्षण केंद्रों का चयन करना है। प्रत्येक केंद्र पर एक पर्यवेक्षक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति भी की जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की व्यवस्था और उपस्थिति समेत जरूरी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। सभी जिलों के अपर समाहर्त्ता (राजस्व) को कार्यशाला के संचालन, प्रतिदिन प्रशिक्षण की निगरानी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस पर विशेष जानकारी
प्रशिक्षण में दाखिल-खारिज के नियमों और प्रक्रिया को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके साथ परिमार्जन प्लस के प्रावधान, बिहारभूमि पोर्टल पर राजस्व कर्मचारी लॉगिन से किए जाने वाले कार्य और सरकारी भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। राजस्व सेवाओं में ऑनलाइन पोर्टल की भूमिका महत्वपूर्ण होने के कारण प्रतिनियुक्त अमीनों को डिजिटल माध्यम से होने वाले कार्यों की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

कार्यशाला में बिहार टेनेंसी एक्ट (BT Act) के प्रमुख प्रावधानों पर भी चर्चा होगी। रैयतों और सरकार के अधिकारों एवं दायित्वों के साथ BPPHT के तहत पर्चा निर्गत करने की प्रक्रिया को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा भू-अर्जन, अभियान बसेरा और भूमि बंदोबस्ती से जुड़े विषयों की जानकारी भी दी जाएगी। इन विषयों का उद्देश्य प्रतिनियुक्त कर्मियों को राजस्व प्रशासन के अलग-अलग कार्यक्षेत्रों से परिचित कराना है।
स्थलीय जांच और भूमि दस्तावेजों के सत्यापन पर जोर
विभागीय कार्यक्रम में दाखिल-खारिज मामलों की स्थलीय जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शामिल है। प्रतिनियुक्त कर्मियों को दखल-कब्जा और स्वत्व से जुड़े साक्ष्यों का गहन सत्यापन करने के तरीके बताए जाएंगे। भूमि सर्वेक्षण के विभिन्न चरणों में राजस्व कर्मचारी की भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी भी दी जाएगी। अधिकार आधारित भूमि दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण से संबंधित प्रशिक्षण भी निर्धारित किया गया है।
अभियान बसेरा के लिए विकसित मोबाइल एप्लीकेशन के इस्तेमाल की जानकारी भी अमीनों को दी जाएगी। इससे संबंधित कार्यों में डिजिटल माध्यम के उपयोग और प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान विभागीय पोर्टल और मोबाइल एप के संचालन से जुड़े सवालों को भी उठाया जा सकेगा।
20 नवंबर को संदेह निवारण सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन 20 नवंबर को संदेह निवारण सत्र रखा गया है। इसमें मुख्यालय स्तर के पदाधिकारी प्रतिनियुक्त कर्मियों के सवालों और समस्याओं का समाधान करेंगे। इससे प्रशिक्षण के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा।

राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बीच विभाग ने विशेष सर्वेक्षण अमीनों को वैकल्पिक जिम्मेदारी के लिए तैयार करने की पहल की है। हालांकि, विभागीय कामकाज के सुचारू संचालन की वास्तविक स्थिति प्रशिक्षण के बाद प्रतिनियुक्त कर्मियों को मिलने वाली जिम्मेदारियों और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। फिलहाल विभाग ने जिला प्रशासन को प्रशिक्षण केंद्र, पर्यवेक्षक और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
