गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से गया शहर में लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली गई। ऐतिहासिक गांधी मैदान से शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राजेंद्र टावर पहुंची। यहां पहुंचने के बाद यात्रा सभा में तब्दील हो गई, जहां एनडीए के नेताओं ने केंद्र की राजनीति, लोकतंत्र और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, गया के प्रभारी मंत्री और कृषि मंत्री डॉ. विजय सिन्हा सहित एनडीए के कई नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पदयात्रा के जरिए गठबंधन ने अपने राजनीतिक संदेश को शहर के बीचोंबीच लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। गांधी मैदान से राजेंद्र टावर तक निकली इस यात्रा में लोकतंत्र की रक्षा और कथित अराजकता के विरोध को मुख्य मुद्दा बनाया गया।
गांधी मैदान से शुरू होकर राजेंद्र टावर तक पहुंची यात्रा
एनडीए के बैनर तले आयोजित पदयात्रा की शुरुआत गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान से हुई। वहां से यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी और राजेंद्र टावर पहुंचकर सभा में बदल गई। आयोजन के दौरान गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाने तथा अराजकता हटाने का नारा उठाया। कार्यक्रम का स्वरूप पदयात्रा और सभा, दोनों के रूप में रहा।
शहर के प्रमुख रास्तों से गुजरने के बाद राजेंद्र टावर पर आयोजित सभा में नेताओं ने अपने संबोधन के जरिए केंद्र सरकार और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप रखे। वक्ताओं ने अपने भाषणों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख किया।

डॉ. प्रेम कुमार ने विपक्ष पर लगाया जनादेश की सरकार को हटाने का प्रयास करने का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष केंद्र में चुने हुए जनादेश से बनी सरकार को समाप्त करने में जुटा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में नहीं होगा। उन्होंने लोगों से स्वस्थ और सक्रिय रहने की अपील भी की।
डॉ. प्रेम कुमार के संबोधन में केंद्र की मौजूदा सरकार के जनादेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने अपने वक्तव्य के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि एनडीए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के पक्ष में खड़ा है। विपक्ष को लेकर लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थे।
विजय सिन्हा ने विदेशी फंडिंग को लेकर जताई चिंता
गया के प्रभारी मंत्री और कृषि मंत्री डॉ. विजय सिन्हा ने सभा में विदेशी फंडिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी फंड के आधार पर देश को तोड़ने की साजिश चल रही है। उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले विदेशी फंड को देश के लिए खतरा बताया। डॉ. सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते भारत का कभी टुकड़ा नहीं होगा।
उनके बयान में राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की एकता से जुड़े सवाल केंद्र में रहे। उन्होंने विदेशी धन के कथित इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई और इसे देश की अखंडता के लिए चुनौती के रूप में पेश किया। हालांकि, उपलब्ध कार्यक्रम विवरण में उनके आरोपों के समर्थन में किसी जांच, संस्था या विशिष्ट मामले का उल्लेख नहीं है। इसलिए ये बातें सभा में मंत्री की ओर से लगाए गए आरोप और व्यक्त किए गए विचार हैं।

कई विधायक और एनडीए पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक वीरेंद्र सिंह, मनोरमा देवी, ज्योति मांझी और रोहित सिंह ने भी अपनी बात रखी। इनके अलावा भाजपा पूर्वी के जिला अध्यक्ष विजय कुमार मांझी, भाजपा पश्चिम के जिला अध्यक्ष प्रेम प्रकाश चिंटू, हम के टूटू खान, राजू बरनवाल और भाजपा बिहार प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। विभिन्न वक्ताओं ने सभा में गठबंधन के राजनीतिक रुख और आयोजन के उद्देश्य पर विचार रखे।
एनडीए के स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को संगठनात्मक रूप से भी अहम बनाया। पदयात्रा में शामिल नेताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरकर गठबंधन के संदेश को सार्वजनिक तौर पर सामने रखा। राजेंद्र टावर पर सभा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
राजनीतिक संदेश के साथ निकाली गई पदयात्रा
गया में निकाली गई यह पदयात्रा ऐसे समय में आयोजित हुई, जब राष्ट्रीय राजनीति में लोकतंत्र, संविधान, केंद्र सरकार और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है। एनडीए ने अपने आयोजन को लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया। सभा में नेताओं के भाषणों का केंद्र भी यही राजनीतिक संदेश रहा।
इस आयोजन में डॉ. प्रेम कुमार ने विपक्ष पर केंद्र की चुनी हुई सरकार को हटाने की कोशिश का आरोप लगाया, जबकि डॉ. विजय सिन्हा ने विदेशी फंडिंग को लेकर सवाल उठाए। दोनों नेताओं के बयान कार्यक्रम के प्रमुख राजनीतिक संदेश के रूप में सामने आए। दूसरी ओर, उपलब्ध विवरण में पदयात्रा में शामिल लोगों की संख्या, यातायात व्यवस्था या आम नागरिकों की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

गांधी मैदान से राजेंद्र टावर तक निकली पदयात्रा और उसके बाद हुई सभा के जरिए एनडीए नेताओं ने गया में गठबंधन की राजनीतिक सक्रियता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में स्थानीय विधायकों, जिला पदाधिकारियों और प्रदेश स्तर के नेताओं की भागीदारी रही।
