गुजरात डीए बढ़ोतरी 2026 के फैसले से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहारी सीजन में आर्थिक राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में तीन प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी गई। इस फैसले का लाभ राज्य सरकार के करीब 4.62 लाख सेवारत कर्मचारियों और लगभग 5.07 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
डीए 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत हुआ
गुजरात सरकार के इस निर्णय के बाद सातवें वेतन आयोग के दायरे में आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। पेंशनभोगियों को इसी अनुपात में महंगाई राहत का लाभ मिलेगा। सरकार ने यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ते में की गई हालिया वृद्धि के अनुरूप लिया है। केंद्र सरकार ने भी 28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए तीन प्रतिशत अतिरिक्त डीए/डीआर को मंजूरी दी थी।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सरकार के वरिष्ठ मंत्री और प्रवक्ता जीतू वघानी ने गांधीनगर में फैसले की जानकारी दी। उनके मुताबिक इस बढ़ोतरी से 9.69 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनभोगी परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इनमें राज्य सेवा, पंचायत सेवा और अन्य संबंधित संगठनों के कर्मचारी शामिल हैं। छठे और सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।
जुलाई से अक्टूबर तक का एरियर नवंबर में
डीए में बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होने के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर—चार महीनों का बकाया भी मिलेगा। सरकार के अनुसार यह एरियर नवंबर 2026 के वेतन और पेंशन के साथ एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को बढ़ी हुई दर का फायदा तो मिलेगा ही, साथ ही पिछले चार महीनों की बकाया राशि भी खाते में पहुंचेगी।

राज्य सरकार ने एरियर भुगतान के लिए 523 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया है। वहीं तीन प्रतिशत डीए/डीआर वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना करीब 1,569 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। यह राशि नियमित वेतन और पेंशन भुगतान के साथ भविष्य में भी राज्य के बजट पर असर डालेगी।
किसे मिलेगा बढ़ोतरी का लाभ?
सरकार की घोषणा के अनुसार लाभार्थियों में गुजरात सरकार के विभागों में कार्यरत कर्मचारी, पंचायत सेवा के कर्मचारी और अन्य संबंधित सरकारी संगठनों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा छठे और सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत में वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। अलग-अलग वेतन आयोग या सेवा श्रेणी के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया और गणना संबंधित विभागीय नियमों के मुताबिक होगी।
कर्मचारियों के लिए वास्तविक मासिक लाभ उनकी मूल वेतन राशि पर निर्भर करेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो तीन प्रतिशत अतिरिक्त डीए के कारण उसके मासिक महंगाई भत्ते में 900 रुपये की वृद्धि होगी। यह केवल गणना समझाने के लिए उदाहरण है; वास्तविक भुगतान कर्मचारी के स्वीकृत मूल वेतन और लागू सेवा नियमों के आधार पर तय होगा। पेंशनरों के मामले में भी महंगाई राहत की गणना पात्र मूल पेंशन के आधार पर की जाएगी।
केंद्र के फैसले के बाद गुजरात सरकार का कदम
केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त को मंजूरी दी थी। यह वृद्धि भी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है। केंद्र के फैसले के बाद कई राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के डीए में संशोधन पर निर्णय लेती हैं। गुजरात सरकार ने भी इसी क्रम में अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

महंगाई भत्ते का उद्देश्य महंगाई के कारण वेतन और पेंशन की वास्तविक क्रय शक्ति पर पड़ने वाले असर को कम करना है। उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव के बीच डीए/डीआर में समय-समय पर संशोधन किया जाता है। हालांकि, इसका सीधा लाभ सरकारी वेतन और पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले पात्र लोगों को ही मिलता है।
त्योहारी समय में कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत
दीपावली और धनतेरस से पहले हुई घोषणा को राज्य कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। नवंबर के वेतन और पेंशन के साथ चार महीने का एरियर मिलने से लाभार्थियों को एकमुश्त अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। इससे त्योहारी खर्चों के समय परिवारों को मदद मिल सकती है। फिर भी हर कर्मचारी के खाते में आने वाली रकम अलग होगी, क्योंकि इसका निर्धारण मूल वेतन, पेंशन और संबंधित सेवा श्रेणी के अनुसार होगा।
कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतान की सटीक राशि तथा किसी विशेष श्रेणी पर लागू नियमों के लिए अपने विभाग, कोषागार या पेंशन भुगतान कार्यालय की अधिसूचना देखनी चाहिए। सरकार की घोषणा के मुताबिक बढ़ोतरी 1 जुलाई से लागू है और चार महीने का बकाया नवंबर के भुगतान के साथ दिया जाना है।
