पश्चिम बंगाल में फूलबागान से बेलघाटा होते हुए हावड़ा स्टेशन तक सीधी बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह के सामने रखा गया है। तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने बुधवार को नवान्न स्थित मंत्री के कार्यालय में उनसे मुलाकात की। कुणाल घोष ने बैठक को अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की परिवहन संबंधी परेशानी दूर करने की पहल बताया। वहीं, दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
फूलबागान से हावड़ा तक सीधी बस सेवा की मांग
बेलघाटा के विधायक कुणाल घोष के अनुसार, उनके क्षेत्र के कई निवासियों ने फूलबागान से बेलघाटा सेल्स टैक्स बिल्डिंग होते हुए हावड़ा स्टेशन तक सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग की है। फिलहाल इस मार्ग पर सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण खासकर रोजाना कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों या बदल-बदलकर यात्रा करने की जरूरत पड़ती है।
कुणाल घोष ने इसी समस्या को परिवहन मंत्री के सामने रखा और प्रस्तावित मार्ग पर बस सेवा शुरू करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि नई सेवा शुरू होने से बेलघाटा के कई हिस्सों के लोगों को हावड़ा स्टेशन तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य स्थानीय यात्रियों की रोजमर्रा की आवाजाही को आसान बनाना है।
मेट्रो सुविधा के बावजूद कुछ इलाकों को परेशानी
विधायक ने बैठक में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मेट्रो सेवा फूलबागान और बेलघाटा तक पहुंच चुकी है, लेकिन उसका मार्ग नारकेलडांगा मेन रोड से होकर गुजरता है। ऐसे में बेलघाटा के बड़े हिस्से में रहने वाले लोगों को मेट्रो का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से सड़क परिवहन की जरूरत बनी हुई है।

कुणाल घोष का तर्क है कि प्रस्तावित बस रूट मेट्रो से वंचित या उससे दूर रहने वाले इलाकों के लोगों को जोड़ने में मदद कर सकता है। फूलबागान, बेलघाटा सेल्स टैक्स बिल्डिंग और हावड़ा स्टेशन के बीच सीधा संपर्क बनने से यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा मिलेगी। हालांकि, रूट की अंतिम मंजूरी और बसों के संचालन का समय अभी घोषित नहीं किया गया है।
दो नई इलेक्ट्रिक बसों से सेवा शुरू करने की संभावना
बैठक के बाद कुणाल घोष ने कहा कि मंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों को प्रस्तावित बस रूट शुरू करने की दिशा में जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। अर्जुन सिंह के पास परिवहन विभाग के साथ श्रम विभाग की भी जिम्मेदारी है। विधायक के मुताबिक, बातचीत में मुख्य रूप से परिवहन व्यवस्था और नए रूट पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने भरोसा दिया कि अगले कुछ दिनों में राज्य को 30 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं। इनमें से दो बसों के जरिए प्रस्तावित रूट पर सेवा शुरू करने की संभावना तलाशी जाएगी। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो फूलबागान से हावड़ा स्टेशन तक इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हो सकती है। फिलहाल इसे संभावना और प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि बसों के आवंटन और संचालन की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
नवान्न में लंबी बैठक से राजनीतिक अटकलें
कुणाल घोष बुधवार को श्रम विभाग के कार्यालय में मंत्री अर्जुन सिंह से मिलने पहुंचे थे। बैठक के बाद उन्होंने इसे बेलघाटा क्षेत्र की परिवहन समस्या से जुड़ा मामला बताया। हालांकि, बताया गया कि विधायक दोपहर बाद से शाम तक मंत्री के कार्यालय में मौजूद रहे। बैठक की अवधि को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।

राजनीतिक जानकारों के एक वर्ग का मानना है कि किसी एक बस रूट पर चर्चा के लिए इतनी लंबी बैठक होना असामान्य हो सकता है। इसी वजह से बातचीत के अन्य संभावित मुद्दों को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, बैठक में बस सेवा के अलावा किसी दूसरे राजनीतिक या प्रशासनिक विषय पर चर्चा होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलों को तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
यात्रियों की सुविधा पर रहेगा प्रस्ताव का असर
प्रस्तावित बस रूट का केंद्र स्थानीय यात्रियों की सुविधा है। बेलघाटा के निवासियों को फूलबागान और हावड़ा स्टेशन के बीच सीधा संपर्क उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। इलेक्ट्रिक बसों से सेवा शुरू करने की संभावना पर चर्चा हुई है। यदि दो बसें इस रूट पर आवंटित होती हैं तो यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
अभी रूट की मंजूरी, बसों की उपलब्धता, संचालन की समय-सारणी और किराये के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मंत्री की ओर से दिए गए भरोसे और विभागीय निर्देश के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। साथ ही, लंबी बैठक के राजनीतिक मायने को लेकर अटकलें जारी हैं, लेकिन दोनों नेताओं की ओर से सार्वजनिक रूप से बस सेवा से इतर किसी चर्चा की पुष्टि नहीं की गई है।
