पटना: बिहार भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रख्यात समाजसेवी डॉ. रवीन्द्र किशोर सिन्हा (आर.के. सिन्हा) का पटना के दीघा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से भाजपा संगठन के साथ-साथ सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और शुभचिंतक मौजूद रहे।
डॉ. आरके सिन्हा के पुत्र और भाजपा के राष्ट्रीय संकुल प्रकोष्ठ सह संयोजक ऋतुराज सिन्हा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार से पहले दीघा घाट पर पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। राजकीय सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई ने उनके सार्वजनिक जीवन और बिहार के लिए किए गए योगदान की व्यापक स्वीकार्यता को भी रेखांकित किया।
‘अन्नपूर्णा’ आवास पर अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
अंतिम संस्कार से पहले डॉ. सिन्हा के पार्थिव शरीर को पटना स्थित उनके ‘अन्नपूर्णा’ आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां सुबह से ही अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योग जगत से जुड़े लोगों और आम नागरिकों ने पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अन्नपूर्णा आवास पहुंचकर डॉ. आरके सिन्हा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। दोनों नेताओं ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और ऋतुराज सिन्हा को सांत्वना दी। नेताओं ने इस कठिन समय में परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना की।

राबड़ी देवी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
डॉ. आरके सिन्हा को श्रद्धांजलि देने वालों में राजनीतिक सीमाओं से परे कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी अन्नपूर्णा आवास पहुंचीं और दिवंगत नेता को नमन किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस उपस्थिति ने यह भी दिखाया कि डॉ. सिन्हा का सार्वजनिक जीवन अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों तक पहुंच रखता था।
केंद्रीय मंत्रियों में नित्यानंद राय, गिरिराज सिंह, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार प्रभारी हरीश द्विवेदी, पूर्व मंत्री मंगल पांडे, जनक राम, रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अंतिम दर्शन किए। पार्टी और संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की भी मौजूदगी रही।
संगठन निर्माण और समाज सेवा में योगदान को किया याद
श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेताओं ने डॉ. आरके सिन्हा के निधन को बिहार की राजनीति, समाज सेवा और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। नेताओं ने कहा कि संगठन निर्माण तथा वंचितों के उत्थान से जुड़े उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री सौदान सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल और मिथिलेश तिवारी समेत अन्य नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।

दीघा घाट पर नम आंखों से अंतिम विदाई
अन्नपूर्णा आवास से पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए दीघा घाट ले जाया गया। यहां भी बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक मौजूद रहे। वातावरण में शोक और भावुकता का माहौल रहा। परिजनों, समर्थकों और उपस्थित नागरिकों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।
ऋतुराज सिन्हा द्वारा मुखाग्नि दिए जाने के बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। डॉ. आरके सिन्हा के निधन के बाद उनके राजनीतिक जीवन, सामाजिक योगदान और संगठन निर्माण में निभाई भूमिका को लगातार याद किया जा रहा है। उनके अंतिम संस्कार में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की मौजूदगी ने उनके व्यापक सार्वजनिक संपर्क और स्वीकार्यता को सामने रखा।
