लखीसराय: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ लखीसराय व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता और सनातन संस्कृति के संदर्भ में खरगे की ओर से की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ की ओर से दायर परिवाद में मामले की न्यायिक समीक्षा और विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है।
भाजपा की ओर से बताया गया कि 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित टिप्पणी सामने आई थी। इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने विरोध जताते हुए कहा है कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं। पार्टी ने इसे राजनीतिक मर्यादा, लोकतांत्रिक शिष्टाचार और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के प्रतिकूल बताया है। संबंधित टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक विवाद सामने आया था और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर आपत्ति जताई थी। citeturn657747search7turn657747search13
भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने न्यायालय का रुख किया
भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक एवं अधिवक्ता वासुकी सिंह ने परिवाद दायर करते हुए मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श और सनातन सांस्कृतिक परंपराओं में विश्वास रखने वाला देश है। ऐसे में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय राजनीतिक नेताओं से भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध की आड़ में प्रधानमंत्री और सनातन संस्कृति के संदर्भ में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत करने वाला है। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक संवाद में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रधानमंत्री के परिवार के संदर्भ का भी उठाया मुद्दा
परिवाद के समर्थन में भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके परिवार अथवा देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी आधार पर लखीसराय व्यवहार न्यायालय में परिवाद दाखिल कर मामले को न्यायिक प्रक्रिया के तहत देखने का अनुरोध किया गया है।
भाजपा की लखीसराय इकाई ने न्यायालय से उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले का संज्ञान लेने तथा निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। परिवाद दायर किए जाने के बाद अब मामले में न्यायालय की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी और आरोपों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण कानूनी स्तर पर किया जाएगा।
राजनीतिक बयान से बढ़ा विवाद
मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी। सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने इसे राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ बताया, जबकि पूरे विवाद का केंद्र कथित टिप्पणी और उसके संदर्भ को लेकर पैदा हुआ राजनीतिक टकराव रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पटना के कार्यक्रम में खरगे के संबोधन के दौरान एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके जवाब में खरगे की ओर से विवादित वाक्य कहा गया। इसके बाद भाजपा ने विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रिया का रास्ता अपनाया। citeturn657747search7turn657747search12
लखीसराय भाजपा नेताओं की मौजूदगी
परिवाद दायर किए जाने के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौतम मंडल, जिला मंत्री अभिषेक सिंह तथा भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं अधिवक्ता विजय सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि न्यायालय के समक्ष मामला रखने का उद्देश्य उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी परीक्षण कराना है।

मामले में आगे की दिशा न्यायालय की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण से तय होगी। फिलहाल भाजपा ने इस प्रकरण को राजनीतिक भाषा की मर्यादा, सार्वजनिक जीवन की गरिमा और धार्मिक-सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़ते हुए न्यायालय का रुख किया है।
