नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। 27 अक्टूबर 2026 को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मौसम ज्यादा असरदार रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार सिस्टम की निगरानी कर रहा है और प्रभावित इलाकों के लिए समय-समय पर चेतावनियां जारी की जा रही हैं।
27 अक्टूबर को किन इलाकों में बारिश की संभावना?
मौसम पूर्वानुमानों के मुताबिक आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खासकर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए मौसम विभाग ने ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत बताई है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है, जबकि समुद्र के आसपास तेज हवाओं और खराब मौसम का असर भी देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम से बढ़ी चिंता
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम लगातार सक्रिय है और इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश तथा आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में भी 27 अक्टूबर से बारिश तेज होने और अगले दिन कई स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बनने का अनुमान है।
मौसम के इस बदलाव का असर केवल बारिश तक सीमित नहीं रहेगा। कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और समुद्री परिस्थितियों के खराब होने की आशंका है। ऐसे में तटीय जिलों में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी होगा।

बिहार और झारखंड में भी बदलेगा मौसम
बिहार और झारखंड में 27 अक्टूबर को मौसम में बदलाव के संकेत हैं। हालांकि इन राज्यों में भारी बारिश का ज्यादा असर अगले कुछ दिनों में देखने को मिल सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 29 अक्टूबर को कई जगह बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल भी मौसम की इस गतिविधि से प्रभावित हो सकता है। तटीय पश्चिम बंगाल में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे साफ है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव कई राज्यों में अलग-अलग समय पर दिखाई दे सकता है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर भारत में मौसम का असर अपेक्षाकृत अलग रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 27 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। कुछ जिलों में बादल छाए रहने के साथ स्थानीय स्तर पर तेज बारिश हो सकती है। लखनऊ समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव से दिन के तापमान पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में 27 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना सीमित बताई गई है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत में आने वाले दिनों में मौसम गतिविधि बढ़ सकती है। इसलिए राजधानी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए विशेष चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में समुद्री परिस्थितियां खराब होने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के आसपास 27 और 28 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकती है।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का यह बदलाव
अक्टूबर के अंतिम दिनों में बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में फसल कटाई, सुखाने या भंडारण का काम चल रहा है, वहां किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनी के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। तेज हवा और अचानक बारिश से खड़ी फसल तथा खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान हो सकता है। ऐसे में कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम खराब हो तो क्या सावधानी बरतें?
बारिश और तेज हवा के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान विशेष सावधानी जरूरी है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए और समुद्र से दूरी बनाए रखनी चाहिए। वाहन चालकों को भी खराब मौसम में गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जाती है।
कुल मिलाकर, 27 अक्टूबर से मौसम में बदलाव का दौर तेज होने के संकेत हैं। बंगाल की खाड़ी से जुड़े पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं का खतरा ज्यादा है, जबकि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए किसी भी इलाके के लिए अंतिम निर्णय स्थानीय IMD चेतावनी और प्रशासन के ताजा निर्देशों के आधार पर ही लेना बेहतर होगा।

