भागलपुर/बांका: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच शिक्षा विभाग ने अब निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और सख्त करने का फैसला किया है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज शिक्षकों की उपस्थिति की रोजाना जांच होगी और अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट उसी दिन शाम पांच बजे तक संबंधित अधिकारियों को भेजनी होगी। इसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने भागलपुर और बांका के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और लेखापाल को प्रतिदिन शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जांच करनी होगी। जांच में यदि कोई शिक्षक अनुपस्थित पाया जाता है या उपस्थिति दर्ज करने में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो उसकी सूचना जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना को उसी दिन उपलब्ध करानी होगी।
शाम पांच बजे तक भेजनी होगी अनुपस्थित शिक्षकों की रिपोर्ट
विभाग ने रिपोर्टिंग को लेकर भी समयसीमा तय कर दी है। प्रखंड स्तर से तैयार रिपोर्ट हर दिन शाम पांच बजे तक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना को भेजनी होगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी उसी दिन नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। इसके बाद अगले दिन कार्रवाई की रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे आगे प्रमंडल शिक्षा कार्यालय को भी भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि सरकारी स्कूलों के सुचारु संचालन के लिए शिक्षकों की नियमित और समय पर उपस्थिति बेहद जरूरी है। विभाग को अलग-अलग स्तरों से शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसी के बाद ई-शिक्षाकोष पर दर्ज आंकड़ों की नियमित निगरानी और शिकायतों की जांच की व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है।

इन-आउट दर्ज करने में गड़बड़ी की शिकायत
विभागीय स्तर पर सामने आई शिकायतों में इन-आउट अटेंडेंस में गड़बड़ी का मामला भी शामिल है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षक पोर्टल पर स्कूल पहुंचने के समय इन तो दर्ज करते हैं, लेकिन बाद में आउट दर्ज नहीं करते। इसके अलावा कुछ मामलों में घर बैठे उपस्थिति दर्ज करने की शिकायत भी सामने आई है। विभाग इन शिकायतों की वास्तविकता की जांच के लिए तकनीकी माध्यमों का सहारा ले रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड की जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि जांच और रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका भी देखी जाएगी।
30 से अधिक शिक्षकों की तकनीकी जांच
विभागीय सूत्रों के अनुसार, 30 से अधिक शिक्षकों की ई-शिक्षाकोष पर दर्ज उपस्थिति की तकनीकी जांच कराई जा रही है। इस जांच का उद्देश्य ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति में किसी तरह की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि करना है। तकनीकी जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर जिले के पीरपैंती, कहलगांव, नारायणपुर, रंगरा चौक, सुल्तानगंज और सन्हौला प्रखंडों के अलावा नगर निगम क्षेत्र में भी शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर मिली शिकायतों पर विशेष नजर रखी जा रही है। विभागीय स्तर पर इन क्षेत्रों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी तय होगी जवाबदेही
निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल अनुपस्थित शिक्षकों की पहचान करना ही पर्याप्त नहीं होगा। रिपोर्ट तैयार करने और समय पर भेजने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यानी प्रखंड स्तर से लेकर जिला और प्रमंडल स्तर तक निगरानी की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रखने की कोशिश की जा रही है।
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि अटेंडेंस में गड़बड़ी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के बाद शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति पर निगरानी बढ़ने और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई होने की उम्मीद है।
