छपरा। दीपावली पर हैदराबाद से अपने घर लौटे एक कामगार के साथ छपरा में कथित जहरखुरानी और लूट की घटना सामने आई है। जलालपुर थाना क्षेत्र के सकड्डी भारती टोला निवासी सत्येंद्र कुमार भारती शुक्रवार सुबह छपरा जंक्शन पहुंचने के बाद घर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान कथित तौर पर स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उन्हें रास्ते में अपने वाहन में बैठाया और कुछ समय बाद नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। आरोप है कि बदमाश उनका मोबाइल, बैग और अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
परिजनों के मुताबिक, बेहोशी की हालत में सत्येंद्र को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के फकुली गांव के समीप झाड़ियों में छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना परिवार को दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सत्येंद्र को इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल ले गए। वहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
छपरा जंक्शन पर परिजनों का कर रहे थे इंतजार
परिजनों ने बताया कि सत्येंद्र शुक्रवार की सुबह हैदराबाद से ट्रेन के जरिए छपरा जंक्शन पहुंचे थे। वह करीब छह महीने से हैदराबाद में एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। दीपावली के अवसर पर वह घर लौटे थे। स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने फोन के जरिए परिजनों को अपने आने की जानकारी दी और उन्हें लेने के लिए बुलाया।
परिजनों के पहुंचने में कुछ समय लग गया। इसी दौरान सत्येंद्र स्टेशन से बाहर निकलकर सड़क की ओर चले गए। इसी क्रम में कथित तौर पर स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उन्हें घर तक छोड़ने की बात कहकर वाहन में बैठा लिया। इसके बाद रास्ते में उन्हें नशीला पदार्थ खिलाए जाने और सामान लूटे जाने का आरोप है।

झाड़ी में मिले कामगार, स्थानीय लोगों ने दी सूचना
बताया गया है कि फकुली गांव के समीप सत्येंद्र को बेहोशी की हालत में झाड़ी में पड़ा देखकर स्थानीय लोगों ने उनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उनकी हालत को देखते हुए तत्काल अस्पताल ले जाया गया। मोबाइल, बैग और अन्य सामान गायब होने की बात भी परिजनों की ओर से बताई गई है।
घटना की परिस्थितियों ने त्योहार के दौरान दूसरे राज्यों से घर लौटने वाले कामगारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख सड़कों के आसपास यात्रियों को निशाना बनाने वाले गिरोहों से सावधान रहने की जरूरत है।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए यात्रियों को अनजान लोगों से खाने-पीने की वस्तुएं लेने से बचना चाहिए। स्टेशन से घर जाने के लिए संभव हो तो परिजनों के पहुंचने तक सुरक्षित स्थान पर इंतजार करना बेहतर है। बिना पहचान और सत्यापन के किसी अनजान वाहन में बैठने से भी बचना चाहिए। खासकर त्योहारों के दौरान लंबी दूरी से अकेले लौटने वाले यात्रियों को अपने सफर की जानकारी परिजनों के साथ साझा रखनी चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना का विवरण मुख्य रूप से परिजनों के बयान और स्थानीय लोगों से मिली सूचना पर आधारित है। पुलिस की ओर से प्राथमिकी, आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही हो सकेगी।

