Saran। बिहार के सारण जिले के काजीपुर की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना और भारत के लिए पदक जीतना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
बाबी कुमार ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में सेपक टाकरा की स्पर्धा में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर कांस्य पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल सारण बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन हुआ है।
बाबी की इस शानदार सफलता के बाद बिहार सरकार की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया गया। पटना के लोकसेवक भवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाबी कुमार को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस दौरान बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और बाबी की मां मंजु देवी भी मौजूद रहीं। सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाबी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनकी मेहनत और प्रतिभा को बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

भारतीय टीम के साथ शानदार प्रदर्शन
काजीपुर निवासी मुन्ना उपाध्याय और मंजु देवी के पुत्र बाबी कुमार ने एशियन गेम्स की सेपक टाकरा प्रतियोगिता के क्वाड मुकाबले में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए वियतनाम, लाओस और म्यांमार की टीमों को हराया।
इन मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। बाबी की इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ उनके गांव और पूरे सारण जिले को गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाबी कुमार की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर देश के साथ-साथ बिहार का गौरव बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय टीम की जर्सी में उतरकर पदक जीतना बाबी के खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
खेल के साथ पुलिस सेवा की भी जिम्मेदारी
बाबी कुमार की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह केवल खेल के क्षेत्र में ही सक्रिय नहीं हैं, बल्कि पुलिस सेवा में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। राज्य सरकार की खेल नीति के तहत बाबी वर्तमान में अवर निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

एक ओर वह पुलिस विभाग की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल और सरकारी सेवा के बीच संतुलन बनाकर देश के लिए पदक हासिल करना उनकी मेहनत और समर्पण को दर्शाता है।
काजीपुर में खुशी का माहौल
एशियन गेम्स में बाबी कुमार के कांस्य पदक जीतने और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने की खबर जैसे ही काजीपुर और आसपास के इलाकों में पहुंची, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने बाबी की उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि काजीपुर जैसे क्षेत्र से निकलकर बाबी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर छोटे शहर और गांव से निकलने वाले खिलाड़ी भी देश के लिए बड़े मंच पर उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
सरपंच प्रतिनिधि एवं समाजसेवी रजनीश कुमार, मंतोष कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि रामएकबाल चौरसिया, अजय भूषण और अरविंद कुमार सिंह समेत अन्य खेल प्रेमियों ने बाबी कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

बाबी कुमार की यह सफलता केवल एक कांस्य पदक तक सीमित नहीं है। यह सारण के युवाओं के लिए उम्मीद, मेहनत और संभावनाओं की मिसाल भी बन गई है। खेल के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने वाले बाबी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर अपने परिवार, गांव, सारण और बिहार का गौरव बढ़ाया है।
