Nawada: गोली मारकर हत्या करने के मामले में नवादा की अदालत ने एक व्यक्ति को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर हत्या के मामले में 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी उसे तीन वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी गई है।
यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को सुनाया। दोषी की पहचान सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के कटघरा गांव निवासी विमल कुमार उर्फ डिंपल के रूप में हुई है।
झगड़े के बीच समझाने पहुंचे थे नवल सिंह
अभियोजन के अनुसार, घटना 26 जनवरी की सुबह हुई थी। बताया गया कि अभियुक्त विमल कुमार और अरुण सिंह के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच झगड़ा बढ़ता देख गांव के रहने वाले नवल सिंह वहां पहुंचे और दोनों भाइयों को समझाने का प्रयास किया।
इसी दौरान विवाद के बीच स्थिति अचानक गंभीर हो गई। आरोप है कि गुस्से में आकर विमल कुमार ने अपने पास मौजूद पिस्तौल से नवल सिंह को गोली मार दी।

गोली लगने के बाद नवल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए पावापुरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे के बयान पर दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद मृतक के पुत्र आनंद कुमार के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामले में नरहट (सीतामढ़ी) थाना कांड संख्या 44/23 दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपित के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ाई। सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े गवाहों के बयान भी अदालत के समक्ष दर्ज किए गए।
गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों पर विचार किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने विमल कुमार उर्फ डिंपल को हत्या का दोषी माना।

इसके बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अदालत ने हथियार से संबंधित अपराध में भी दोषी को राहत नहीं दी। आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत उसे 3 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में रखे मामले के तथ्य
मामले में अपर लोक अभियोजक मो. मिसवाह रसूल ने अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखा। अभियोजन ने घटना से जुड़े गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने का प्रयास किया।
अदालत के फैसले के बाद हत्या के मामले में दोषी को अब आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं, हथियार से जुड़े मामले में भी उसे तीन वर्ष के कारावास और अर्थदंड का सामना करना होगा।

इस मामले में अदालत का फैसला उन मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां विवाद के दौरान गोली चलने से एक व्यक्ति की जान चली गई थी। न्यायालय ने उपलब्ध गवाहियों और साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि करते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है।
