नवादा/गया: बिहार में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। नवादा जिले के टॉप-10 वांछित आरोपियों में शामिल राजू कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
STF की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गया रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और उससे जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस की ओर से जारी 5 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई जानकारी पर आधारित है।
साइबर थाना कांड में वांछित था राजू कुमार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू कुमार, पिता कृष्णा सिंह, निवासी ग्राम पत्तल बीघा, थाना नरहट, जिला नवादा के रूप में हुई है। वह नवादा साइबर थाना कांड संख्या 33/24, दिनांक 13 जून 2024 में वांछित चल रहा था।
प्रेस विज्ञप्ति में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। इसी मामले में उसकी तलाश पुलिस को लंबे समय से थी।

STF के मुताबिक, राजू कुमार को गया जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। हालांकि प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तारी के दौरान किसी हथियार, मोबाइल फोन या अन्य सामान की बरामदगी का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इस संबंध में किसी अतिरिक्त बरामदगी का दावा करना उचित नहीं होगा।
टॉप-10 सूची में शामिल था आरोपी
राजू कुमार को नवादा जिले के टॉप-10 वांछित आरोपियों में शामिल बताया गया है। किसी आरोपी का जिले की टॉप-10 सूची में होना यह दर्शाता है कि पुलिस की नजर में उसकी गिरफ्तारी प्राथमिकता वाले मामलों में शामिल थी।
बिहार STF की ओर से समय-समय पर वांछित और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जाते रहे हैं। हाल के महीनों में भी STF ने अलग-अलग जिलों में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कई वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गया रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी क्यों अहम?
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर फरार आरोपियों की मौजूदगी पुलिस के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे मामलों में आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलने की कोशिश कर सकते हैं। राजू कुमार की गया जंक्शन के पास गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि वह वहां किस उद्देश्य से मौजूद था और पिछले कुछ समय से कहां रह रहा था।

हालांकि उपलब्ध पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में आरोपी की गिरफ्तारी से पहले उसकी गतिविधियों या गया पहुंचने के कारण के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस संबंध में किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही पुलिस
गिरफ्तारी के बाद STF द्वारा आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रेस विज्ञप्ति में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी देख सकती है कि राजू कुमार के खिलाफ नवादा के अलावा किसी अन्य जिले में कोई मामला दर्ज है या नहीं। इसके साथ ही साइबर थाना मामले में उसकी कथित भूमिका और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जांच आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या या कथित अपराध की पूरी प्रकृति का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस रिपोर्ट में उन्हीं तथ्यों को शामिल किया गया है, जिनकी पुष्टि पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति से होती है।

STF की कार्रवाई से फरार आरोपियों पर बढ़ा दबाव
बिहार में STF को वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे अभियानों में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।
राजू कुमार की गिरफ्तारी भी इसी अभियान का हिस्सा है। नवादा के टॉप-10 वांछित आरोपियों में शामिल व्यक्ति को गया से गिरफ्तार किया जाना पुलिस की कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल आरोपी के कथित नेटवर्क और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर है। पूछताछ और आगे की जांच में यदि अन्य मामलों या सहयोगियों से संबंधित जानकारी सामने आती है, तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
महत्वपूर्ण नोट
यह रिपोर्ट बिहार पुलिस STF की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। किसी आरोपी की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होना नहीं है। अंतिम कानूनी स्थिति अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

प्रेस विज्ञप्ति में राजू कुमार के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटाए जाने की बात कही गई है।
