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शारदा सिन्हा की आवाज में बसती थी बिहार की मिट्टी, लोक संस्कृति और परंपरा की आत्मा : डॉ. प्रमोद कुमार

State Desk Bihar
Last updated: अक्टूबर 1, 2026 9:15 अपराह्न
By : State Desk Bihar
Published on : 6 घंटे पहले
Sharda Sinha: शारदा सिन्हा की आवाज में बसती थी बिहार की मिट्टी
Sharda Sinha: शारदा सिन्हा की आवाज में बसती थी बिहार की मिट्टी
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पटना। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में पद्म विभूषण से सम्मानित सुप्रसिद्ध लोकगायिका स्वर्गीय Sharda Sinha की जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, डॉ. प्रमोद कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इससे पहले माननीय मंत्री के द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, भा. प्र. से. की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में स्वर्गीय शारदा सिन्हा की सुपुत्री वंदना सिन्हा एवं सुपुत्र अंशुमन सिन्हा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

वंदना सिन्हा ने मां को किया याद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वंदना सिन्हा ने कहा कि “शारदा जी हमारी संस्कृति की टीका हैं। उन्हें हमेशा अपने दिल में बसाए रखें।” उन्होंने अपनी मां को स्मरण करते हुए छठ गीत की चार पंक्तियां प्रस्तुत कीं, जिसे सुनकर उपस्थित श्रोता भावविभोर हो उठे।

इस अवसर पर माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, डॉ. प्रमोद कुमार ने स्वर्गीय शारदा सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि जब शारदा सिन्हा जी ने पहली बार गायन के क्षेत्र में कदम रखा होगा, तब उन्हें अनेक संघर्षों का सामना करना पड़ा होगा। उस दौर में किसी महिला का सार्वजनिक रूप से गायन करना आसान नहीं था।

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उन्हें सामाजिक आलोचनाओं और अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पहचान बनानी पड़ी होगी।

बिहार की लोक संस्कृति को दिलाई अलग पहचान

उन्होंने कहा कि अपने संघर्ष, समर्पण और विशिष्ट आवाज के बल पर शारदा सिन्हा जी ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। उनकी आवाज में बिहार की मिट्टी, लोक संस्कृति और परंपरा की आत्मा बसती थी। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से बिहार की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई।

माननीय मंत्री ने शारदा सिन्हा की सुपुत्री वंदना सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी मां की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएं और अपनी प्रतिभा से शारदा सिन्हा के नाम को और गौरवान्वित करें।

लोक प्रस्तुतियों से सजी सांस्कृतिक संध्या

इसके उपरांत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। लोकगायिका सुश्री चंदन तिवारी और सुश्री रिया सिंह ने अपनी मधुर लोक प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक संध्या में चार चांद लगा दिए। सुश्री चंदन तिवारी ने “जगदम्बा घर में दियरा जल दे” गीत से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की।

उनकी मनमोहक आवाज ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और उपस्थित दर्शक झूम उठे। इसके बाद सुश्री रिया सिंह ने भी अपनी मधुर लोक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा स्वर्गीय शारदा सिन्हा के लोकप्रिय गीतों एवं पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियां भी दी गईं। इस अवसर पर विभागीय पदाधिकारी सहित अन्य श्रोतागण मौजूद रहे।

स्वर्गीय शारदा सिन्हा की जयंती के अवसर पर आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या उनके संगीत, लोक संस्कृति के प्रति अतुलनीय योगदान एवं उनकी अमिट स्मृतियों को समर्पित रही।

TAGGED:Sharda SinhaSharda Sinha Jayant
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