Chapra Flood। जिले में तटबंध टूटने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मकेर और पानापुर प्रखंड के प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए SDRF की अतिरिक्त टीमों को लगाया गया है।
मकेर में करीब 40 सदस्यों वाली SDRF की विशेष टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है।
मकेर क्षेत्र में तटबंध टूटने के कारण बड़ी मात्रा में बाढ़ का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया है। हालिया रिपोर्टों में भी मकेर के हैजलपुर और बाघाकोल के पास तटबंध टूटने तथा कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं।
मकेर की कई पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
मकेर प्रखंड में दो स्थानों पर तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। इससे प्रखंड की सभी पंचायतों के साथ-साथ अमनौर की कुछ पंचायतें भी प्रभावित हुई हैं। पानी का बहाव परसा की दिशा में भी होने की जानकारी है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। इसके लिए बचाव दलों को सक्रिय किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मकेर में तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने और बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। बचाव दलों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भी चलाया है।
NDRF और SDRF की टीमें संभाल रहीं मोर्चा
प्रशासन के अनुसार, मकेर में NDRF की दो टीमों और SDRF की एक टीम के साथ अतिरिक्त 40 सदस्यीय SDRF टीम राहत कार्य में लगी है। वहीं, पानापुर में तटबंध टूटने के बाद बचाव अभियान के लिए SDRF की दो टीमें पहुंच चुकी हैं।
पानापुर में भी तटबंध टूटने के बाद निचले इलाकों में पानी फैलने का खतरा बढ़ा है। गुरुवार सुबह पानापुर के चकियां पंचायत क्षेत्र में तटबंध का हिस्सा टूटने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की नजर
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। बचाव दलों का मुख्य उद्देश्य बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और जरूरत के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर दबाव के कारण सारण के मकेर, पानापुर, तरैया और परसा समेत कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क है।