जमुई के सिकंदरा प्रखंड के गौहरनगर गांव के रहने वाले प्रिंस कुमार ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सिकंदरा प्रखंड के गौहरनगर गांव निवासी शंभू यादव के पुत्र प्रिंस कुमार ने पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 37वीं ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 22 से 24 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रिंस ने ट्रायथलॉन-सी स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
गौहरनगर के रहने वाले हैं प्रिंस कुमार
प्रिंस कुमार गौहरनगर गांव निवासी शंभू यादव के पुत्र हैं। वह प्लस टू जेएसपीएस हाई स्कूल, लछुआड़ के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ खेल के प्रति उनकी रुचि और नियमित अभ्यास ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचाया है।
प्रतियोगिता में प्रिंस ने अपनी प्रतिभा और मेहनत का प्रदर्शन करते हुए ट्रायथलॉन-सी स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से सिकंदरा प्रखंड के साथ-साथ जमुई जिले का भी नाम खेल के क्षेत्र में सामने आया है।
प्रशिक्षण और मेहनत से हासिल की सफलता
प्रिंस को जेएम फाइनेंशियल फाउंडेशन के अंतर्गत खेल प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मिले मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास का असर उनके प्रदर्शन में देखने को मिला। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना इसी मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
प्रिंस की उपलब्धि यह भी दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को अगर बेहतर प्रशिक्षण और सही अवसर मिले तो वे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
गांव और स्कूल में खुशी का माहौल
प्रिंस के कांस्य पदक जीतने की खबर से उनके परिवार, विद्यालय और गौहरनगर गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने प्रिंस को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बीच गांव के एक छात्र का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना क्षेत्र के दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
प्रिंस की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या विशेष संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मेहनत, अनुशासन, उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।