मुंगेर। भागलपुर के विक्रमशिला सेतु को निर्माण कार्य के लिए बंद किए जाने से पहले मुंगेर-भागलपुर मार्ग पर नया विकल्प तैयार हो गया है। 25 सितंबर से मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना के एक टू-लेन हिस्से पर वाहनों का परिचालन शुरू होगा। शुरुआती चरण में मुंगेर के तेलिया तालाब से सर्विस लेन के जरिए वाहनों को फोरलेन पर प्रवेश कराया जाएगा।
इस नए मार्ग के शुरू होने से मुंगेर और भागलपुर के बीच आवाजाही के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। दोनों शहरों के बीच करीब 58 किलोमीटर की दूरी है, जिसे मार्ग पूरी तरह तैयार होने के बाद लगभग एक घंटे में तय करने की राह आसान होने की उम्मीद है।
विक्रमशिला सेतु बंद होने से पहले तैयार हुआ विकल्प
भागलपुर का विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से निर्माण कार्य के लिए बंद होने वाला है। ऐसे में भागलपुर आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की जरूरत बढ़ गई है।
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन के एक हिस्से पर परिचालन शुरू होने से पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और उत्तर बिहार के अन्य जिलों से भागलपुर जाने वाले वाहन मुंगेर होकर यात्रा कर सकेंगे।
हालांकि शुरुआत में यात्रियों को पूरी तरह तैयार फोरलेन का सीधा रास्ता नहीं मिलेगा। निर्माणाधीन हिस्सों के कारण कई जगह सर्विस लेन और डायवर्जन से वाहनों को गुजारा जाएगा।
तेलिया तालाब से फोरलेन पर मिलेगा प्रवेश
नई यातायात व्यवस्था में तेलिया तालाब महत्वपूर्ण कनेक्टिंग प्वाइंट होगा। पटना और उत्तर बिहार की ओर से आने वाले वाहन श्रीकृष्ण सेतु पार करने के बाद तेलिया तालाब पहुंचेंगे।
यहां से सर्विस लेन के जरिए वाहनों को मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर प्रवेश कराया जाएगा। इसके बाद वाहन भागलपुर की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक मनीष कुमार के अनुसार, शुक्रवार से मुंगेर-भागलपुर के बीच एक लेन पर परिचालन शुरू करने की तैयारी है।
श्रीकृष्ण सेतु और मुंगेर मार्ग पर बढ़ सकता है दबाव
विक्रमशिला सेतु के बंद रहने की स्थिति में उत्तर बिहार से भागलपुर जाने वाले वाहनों का एक हिस्सा मुंगेर वाले रास्ते का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में श्रीकृष्ण सेतु और मुंगेर-तेलिया तालाब मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है।
पटना से नवगछिया होकर भागलपुर जाने वाले वाहन भी परिस्थितियों के अनुसार मुंगेर के रास्ते का विकल्प अपना सकेंगे।
बेगूसराय और उत्तर बिहार के अन्य जिलों से आने वाले वाहनों के लिए भी श्रीकृष्ण सेतु पार कर तेलिया तालाब होते हुए फोरलेन तक पहुंचने का मार्ग उपलब्ध रहेगा।
कोसी-सीमांचल के जिलों को भी मिलेगा वैकल्पिक रास्ता
इस नए मार्ग का इस्तेमाल केवल मुंगेर और भागलपुर के बीच आने-जाने वाले वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। खगड़िया, सहरसा और मधेपुरा समेत कोसी-सीमांचल क्षेत्र के जिलों से भागलपुर जाने वाले छोटे वाहनों के लिए भी यह एक वैकल्पिक रास्ता बन सकता है।
मोकामा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए फिलहाल सफियाबाद होते हुए तेलिया तालाब पहुंचने की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद सर्विस लेन के माध्यम से फोरलेन पर प्रवेश कर भागलपुर की ओर जाना होगा।
अभी पूरी फोरलेन के लिए करना होगा इंतजार
25 सितंबर से एक लेन पर यातायात शुरू होने के बावजूद यात्रियों को अभी पूरी तरह तैयार फोरलेन का अनुभव नहीं मिलेगा।
निर्माण कार्य जारी रहने के कारण अलग-अलग स्थानों पर डायवर्जन, सर्विस लेन और कनेक्टिंग रोड का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इसलिए शुरुआती दिनों में वाहन चालकों को संकेतकों और यातायात निर्देशों का पालन करते हुए आगे बढ़ना होगा।
फोरलेन के दोनों लेन पर मुंगेर-भागलपुर के बीच परिचालन नवंबर के पहले सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
तेलिया तालाब ओवरब्रिज का काम भी जारी
फोरलेन परियोजना के तहत तेलिया तालाब में ओवरब्रिज का निर्माण भी चल रहा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इसका काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
ओवरब्रिज समेत निर्माण के बाकी हिस्से पूरे होने के बाद मुंगेर-भागलपुर कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है।
विक्रमशिला सेतु बंद रहने के दौरान बढ़ेगी नए मार्ग की उपयोगिता
विक्रमशिला सेतु के निर्माण कार्य के दौरान बंद रहने से भागलपुर की ओर जाने वाले वाहनों के सामने यातायात का दबाव और वैकल्पिक मार्ग का सवाल महत्वपूर्ण रहेगा। ऐसे में मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन के चालू होने वाला हिस्सा अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगा।
फिलहाल यह मार्ग निर्माणाधीन होने के कारण यात्रियों को डायवर्जन और सर्विस लेन से होकर गुजरना पड़ेगा। लेकिन 25 सितंबर से शुरू होने वाला एक लेन का परिचालन मुंगेर और भागलपुर के बीच संपर्क को एक नया विकल्प देगा।
एक नजर में
- 25 सितंबर: मुंगेर-भागलपुर फोरलेन के एक लेन पर परिचालन शुरू
- 1 अक्टूबर: विक्रमशिला सेतु निर्माण कार्य के लिए बंद होने की योजना
- मुंगेर-भागलपुर दूरी: करीब 58 किलोमीटर
- अनुमानित सफर: मार्ग पूरी तरह संचालित होने पर करीब 1 घंटा
- मुख्य कनेक्टिंग प्वाइंट: तेलिया तालाब
- वैकल्पिक मार्ग: श्रीकृष्ण सेतु → तेलिया तालाब → फोरलेन
- शुरुआती स्थिति: सर्विस लेन और डायवर्जन से यातायात
- दोनों लेन पर परिचालन: नवंबर के पहले सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद