बांका/शंभुगंज। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बांका जिले के शंभुगंज क्षेत्र में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बदुआ नदी में पानी बढ़ने से बग्घा गांव के समीप बना अस्थायी पीपापुल भी पानी की चपेट में आ गया है। पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बहने के कारण ग्रामीणों ने सुरक्षा को देखते हुए इस रास्ते से आवागमन रोक दिया है।
तेज बहाव के बीच ग्रामीणों को आशंका है कि पानी का दबाव बढ़ने पर पीपापुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। रास्ता बंद होने से आसपास के कई गांवों के लोगों के सामने रोजमर्रा के आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।
पानी बढ़ने से पीपापुल पर मंडराया खतरा
लगातार बारिश के बाद बदुआ के साथ गंगटी और आसपास की अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बग्घा के पास बने पीपापुल के ऊपर से पानी बहने के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल इसका इस्तेमाल बंद कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धारा तेज होने के कारण पुल को पार करना जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में किसी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए लोगों ने आवागमन रोकने का फैसला किया है।
कई गांवों का संपर्क प्रभावित
यह अस्थायी पुल आसपास के ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चंद्रपुर बग्घा, योगी बग्घा, बाटो समेत कई गांवों के लोग इसी रास्ते से नदी पार कर रामपुर और तारापुर हाट-बाजार पहुंचते हैं।
स्कूली बच्चों के अलावा किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। पुल बंद होने के बाद इन लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
रास्ता बंद हुआ तो 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर
ग्रामीणों के मुताबिक अगर बदुआ नदी पर आवागमन पूरी तरह बंद रहता है तो लोगों को गढ़ी मोहनपुर के रास्ते करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
इसका असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा जिन्हें रोज स्कूल, बाजार, खेत या अन्य जरूरी कामों के लिए नदी के दूसरी तरफ जाना पड़ता है। स्कूली बच्चों और किसानों के लिए अतिरिक्त दूरी समय और खर्च दोनों बढ़ा सकती है।
हर साल चंदे और श्रमदान से बनता है अस्थायी पुल
ग्रामीणों के अनुसार बदुआ नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण स्थानीय लोग हर साल आपस में चंदा जुटाकर और श्रमदान के जरिए ह्यूम पाइप की मदद से अस्थायी पुल तैयार करते हैं।
लेकिन बारिश और नदी की तेज धारा के कारण यह व्यवस्था लंबे समय तक टिक नहीं पाती। पानी बढ़ने पर अस्थायी संरचना को नुकसान पहुंचने या बह जाने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे उन्हें हर वर्ष आर्थिक नुकसान उठाने के साथ-साथ आवागमन की परेशानी भी झेलनी पड़ती है।
स्थायी पुल की मांग, आश्वासन से आगे नहीं बढ़ी बात
ग्रामीणों का कहना है कि बदुआ नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस संबंध में स्थानीय विधायक और सांसद से भी कई बार गुहार लगाने की बात ग्रामीणों ने कही है।
हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार अब तक उन्हें ठोस समाधान के बजाय आश्वासन ही मिला है। बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने और पीपापुल पर पानी चढ़ने के बाद एक बार फिर स्थायी पुल की मांग जोर पकड़ने लगी है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
पुल बंद होने के बाद स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है और अस्थायी इंतजाम पर निर्भर रहना पड़ता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बदुआ नदी पर स्थायी पुल निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाया जाए। उनका कहना है कि यदि इस बार भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल बढ़ते जलस्तर के बीच सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। पानी कम होने तक पीपापुल से आवागमन बंद रहने से आसपास के गांवों के लोगों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।