मुंगेर: बिहार विधानसभा महिला आयोग की पांच सदस्यीय टीम ने रविवार को मुंगेर का दौरा कर मंडल कारा, महिला थाना और सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने महिलाओं और महिला बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की कमी और ICU में वेंटिलेटर के चालू नहीं होने की बात सामने आई, जिस पर आयोग की सभापति ने नाराजगी जताई और समस्याओं को सरकार के स्तर पर रखने की बात कही।
मुंगेर सदर अस्पताल में हाल के दिनों में OPD, इमरजेंसी और ICU की सेवाओं के लिए नियमित ड्यूटी रोस्टर जारी होने की जानकारी भी सामने आती रही है।
महिला बंदियों से मुलाकात कर जानी समस्याएं
महिला आयोग की टीम सबसे पहले मंडल कारा पहुंची। यहां टीम ने महिला बंदियों से मुलाकात की और जेल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
महिला बंदियों से उनकी रोजमर्रा की परेशानियों, उपलब्ध सुविधाओं और किसी तरह की समस्या के संबंध में भी बातचीत की गई। टीम ने मौके पर महिलाओं की बात सुनकर संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
महिला थाना में शिकायतों की भी ली जानकारी
इसके बाद आयोग की टीम महिला थाना पहुंची। यहां थानाध्यक्ष कृति कुमारी से महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जानकारी ली गई।
टीम ने यह जानने की कोशिश की कि:
- प्रतिदिन कितनी महिलाएं शिकायत लेकर थाना पहुंचती हैं।
- महिला उत्पीड़न से जुड़े कितने मामले सामने आते हैं।
- शिकायतों पर किस तरह की कार्रवाई की जाती है।
- पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया कैसी है।
इसके जरिए आयोग ने महिला सुरक्षा से जुड़ी जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश की।
सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
महिला आयोग की टीम इसके बाद मुंगेर सदर अस्पताल पहुंची। यहां प्रसव वार्ड और महिला वार्ड का निरीक्षण किया गया।
टीम के सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से दवा, जांच, इलाज और अस्पताल में मिलने वाली अन्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल किए गए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता और ICU की व्यवस्था को लेकर सवाल सामने आए।
34 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 17 डॉक्टर कार्यरत
आयोग की सभापति अश्वमेघ देवी के अनुसार, सदर अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या स्वीकृत पदों की तुलना में काफी कम है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में 34 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ 17 डॉक्टर ही कार्यरत हैं।
यानी स्वीकृत पदों के मुकाबले 17 डॉक्टरों की कमी बताई गई है। सभापति ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए डॉक्टरों की कमी को दूर कराने की दिशा में प्रयास करने की बात कही।
मुंगेर सदर अस्पताल में अलग-अलग दिनों में OPD, इमरजेंसी, ICU और प्रसव केंद्र के लिए डॉक्टरों का रोस्टर जारी होने की रिपोर्ट भी सामने आई है।
ICU में वेंटिलेटर उपलब्ध, लेकिन चालू नहीं
निरीक्षण के दौरान ICU के वेंटिलेटर को लेकर भी सवाल उठा। सभापति अश्वमेघ देवी ने कहा कि अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध है, लेकिन वह चालू हालत में नहीं है।
गंभीर मरीजों के इलाज में ICU और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आयोग ने इस व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए संबंधित समस्या को आगे उठाने की बात कही।
मुंगेर सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी रिपोर्टें सामने आई हैं। सितंबर 2026 में एक रिपोर्ट में रात के समय ICU और अन्य वार्डों में दवाओं तथा स्टाफ से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया गया था।
आयोग सरकार के सामने रखेगा अस्पताल की समस्याएं
निरीक्षण के बाद सभापति अश्वमेघ देवी ने कहा कि मुंगेर की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को आयोग के स्तर से आगे रखा जाएगा। उनका कहना है कि इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए।
आयोग की ओर से डॉक्टरों की कमी और ICU की स्थिति जैसे मुद्दों को गंभीरता से लिया गया है।
पांच सदस्यीय टीम में ये सदस्य रहीं मौजूद
मुंगेर पहुंची महिला आयोग की टीम में सभापति अश्वमेघ देवी के अलावा:
- स्नेहलता कुशवाहा
- संगीता कुमारी
- विनिता मेहता
- करिश्मा
शामिल थीं।
वहीं अस्पताल में निरीक्षण के दौरान उपाधीक्षक डॉ. रमन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा, डॉ. निधि और डॉ. रुपेश कुमार मौजूद रहे।