Raghopur News | Flood News | Bihar: राघोपुर प्रखंड को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने और जिन इलाकों में पानी कम हो गया है, वहां बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने धरना दिया। विद्युत शक्ति उपकेंद्र मलिकपुर के पास आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व युवा नेता एवं समाजसेवी रवि यादव और राजा राम राय ने किया।
धरना में शामिल लोगों ने कहा कि पिछले कई दिनों से राघोपुर प्रखंड की सभी पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्र को जल्द बाढ़ग्रस्त घोषित कर लोगों को सरकारी राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पानी कम वाले इलाकों में बिजली बहाल करने की मांग
धरना पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि जिन पंचायतों और इलाकों में अब पानी कम हो गया है, वहां मानव बल के माध्यम से बिजली के तार और पोल की जांच कराई जाए। सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शुरू की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण कई इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
पॉलीथिन शीट और सूखा राशन उपलब्ध कराने की मांग
धरना का नेतृत्व कर रहे रवि यादव और राजा राम राय ने सरकार से राघोपुर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में प्रभावित लोगों के बीच पॉलीथिन शीट, सूखा राशन और फूड पैकेट का वितरण कराया जाए।
उन्होंने प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य और पशु शिविर लगाने की भी मांग की, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों और उनके पशुओं की जांच हो सके।
किसानों के लिए चारा और दवा की मांग
ग्रामीणों ने बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए पशु चारा और पशुओं की दवा उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि बाढ़ के कारण पशुपालकों के सामने भी चारे और पशुओं के इलाज की समस्या खड़ी हो गई है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित लोगों के खातों में सरकारी सहायता राशि भेजने, फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये देने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने बाढ़ में डूबने से हुई मौतों के मामलों में मृतकों के परिजनों को आपदा विभाग से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को तत्काल सरकारी सहायता की जरूरत है।
राहत वितरण में भेदभाव का आरोप
धरना में शामिल स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर सरकारी राहत वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राहत सामग्री अपने समर्थकों के बीच बांटी जा रही है, जबकि वोट नहीं देने वाले लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
हालांकि, यह आरोप प्रदर्शन में शामिल लोगों की ओर से लगाए गए हैं। इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
दर्जनों ग्रामीण धरना में हुए शामिल
धरना प्रदर्शन में मुकेश कुमार, मनीष कुमार, सतीश कुमार, रमेश कुमार, रंजन कुमार, कुणाल कुमार, मदन कुमार, रौशन कुमार, मोंटी, धीरज कुमार, अजय कुमार, दिनेश कुमार और शम्भू कुमार समेत दर्जनों स्थानीय लोग शामिल रहे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- राघोपुर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए
- पानी कम हुए इलाकों में जांच के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाए
- पॉलीथिन शीट, सूखा राशन और फूड पैकेट वितरित किए जाएं
- गांवों में स्वास्थ्य और पशु शिविर लगाए जाएं
- पशुओं के लिए चारा और दवा उपलब्ध कराई जाए
- बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता राशि दी जाए
- फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाए
- बाढ़ में मृत लोगों के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता दी जाए