186 किसानों से 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण, 149 किसानों को करीब 5 करोड़ रुपये मुआवजा; सोननगर जंक्शन पर कम होगा मालगाड़ियों का दबाव
सोननगर: जिले के सोननगर में रेलवे बाइपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस बाइपास की लंबाई लगभग 10 किलोमीटर होगी। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके तहत करीब 186 किसानों से 30 एकड़ जमीन ली जा रही है।
अब तक 149 किसानों को करीब पांच करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। परियोजना के पूरा होने के बाद सोननगर-पतरातू रेल लाइन की पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेल लाइन से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। इससे रेल परिचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
मालगाड़ियों के लिए बनेगा सीधा वैकल्पिक मार्ग
रेलवे बाइपास का सबसे बड़ा लाभ मालगाड़ियों के परिचालन में मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कोयला समेत अन्य सामान लेकर चलने वाली मालगाड़ियों को सोननगर जंक्शन से होकर गुजरना पड़ता है। बाइपास तैयार होने के बाद इन ट्रेनों को सोननगर जंक्शन से गुजरे बिना सीधे आगे जाने का रास्ता मिल सकेगा।
इससे मालगाड़ियों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा और उन्हें सोननगर जंक्शन पर अनावश्यक ठहराव से बचाया जा सकेगा।
सोननगर जंक्शन पर कम होगा परिचालन दबाव
बाइपास के निर्माण से मालगाड़ियों को जंक्शन के बजाय अलग रेल मार्ग से आगे भेजा जा सकेगा। इससे सोननगर जंक्शन पर मालगाड़ियों के ठहराव की जरूरत कम होगी।
परियोजना के पूरा होने के बाद माल ढुलाई वाले रेल परिचालन में समय और मार्ग प्रबंधन को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर कोयला और अन्य सामान लेकर चलने वाली मालगाड़ियों के लिए यह बाइपास महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी
परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के तहत अब तक 149 किसानों को करीब पांच करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं बाकी प्रभावित किसानों के लिए भी अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
करीब 10 किलोमीटर लंबे इस रेलवे बाइपास के निर्माण पर 225 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। परियोजना के पूरा होने के बाद सोननगर क्षेत्र में रेल नेटवर्क की कनेक्टिविटी और मालगाड़ियों के संचालन की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है।