24 घंटे में 10 से 15 सेंटीमीटर तक बढ़ा जलस्तर, किसानों की बढ़ी चिंता; राघोपुर तटबंध पर रातभर चला फ्लड फाइटिंग अभियान
भागलपुर: तीन-चार दिनों तक गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद अब एक बार फिर नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा है। बुधवार से जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण भागलपुर के तटवर्ती और दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी दोबारा फैलने लगा है। पानी उतरने के बाद जिन इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली थी, वहां फिर से बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है।
नाथनगर, नवगछिया, अजगैवीनाथ, पीरपैंती और कहलगांव के निचले इलाकों में स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, कहलगांव के रिहायशी इलाकों में फिलहाल बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है।
24 घंटे में 10 से 15 सेंटीमीटर बढ़ा पानी
नाथनगर के दियारा इलाके में स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जलस्तर करीब 10 से 15 सेंटीमीटर तक बढ़ा है। जिन स्थानों से पानी उतर चुका था, वहां दोबारा पानी जमा होने लगा है। इससे दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नवगछिया में भी गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि बताई जा रही है। निचले इलाकों में पानी दोबारा फैलने से बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। यहां गंगा के जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की वृद्धि की बात सामने आई है।
अजगैवीनाथ और पीरपैंती में भी बढ़ी परेशानी
अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में गंगा उफान पर है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने की बात सामने आई है।
वहीं, पीरपैंती के दियारा इलाके में पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। खेतों में लगी सब्जी, मिर्च और मवेशियों के चारे की फसलें पानी की चपेट में आने लगी हैं। गांवों के चारों तरफ पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मवेशी पालक भी चारे की समस्या को देखते हुए अपने पशुओं को लेकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
भागलपुर-कहलगांव सड़क के निचले हिस्सों तक पहुंचा पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सड़क संपर्क पर भी दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर भागलपुर-कहलगांव सड़क के निचले हिस्से को बाढ़ का पानी छू रहा है। ऐसे में जलस्तर में और वृद्धि होने पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि कुछ दिन पहले जिस तरह पानी घटा था, उसके बाद अब फिर से नदी का बढ़ना शुरू हो गया है।
राघोपुर तटबंध पर रातभर चला फ्लड फाइटिंग कार्य
गंगा के कटाव को देखते हुए राघोपुर जमींदारी तटबंध पर बुधवार देर रात से गुरुवार अहले सुबह तक फ्लड फाइटिंग का काम जारी रहा। विभागीय टीम ने तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से में गिट्टी, बालू और ईंट डालकर उसे मजबूत करने का काम किया।
तटबंध को आवागमन के योग्य बनाने की दिशा में भी काम जारी रहा। रातभर सामग्री गिराए जाने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सा काफी हद तक चलने योग्य बनाए जाने की बात सामने आई है।
नदी का दबाव बरकरार, कटाव रोकने में जुटी टीम
रात के समय कटाव की रफ्तार में कुछ कमी जरूर आई, लेकिन गंगा का दबाव अभी भी बना हुआ है। तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।
खगड़िया की ओर से बड़े ट्रकों में मिट्टी और बालू पहुंचाई जा रही है। जहान्वी चौक के पास करीब 50 ट्रकों के खड़े रहने से यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है।
बचाव कार्य में लगी गाड़ियों के लिए ट्रैफिक व्यवस्था की मांग
पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से फोन पर बात कर फ्लड फाइटिंग कार्य में लगी गाड़ियों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने का आग्रह किया है।
फिलहाल विभागीय टीम तटबंध की सुरक्षा और नदी के बढ़ते दबाव पर लगातार नजर रख रही है। वहीं, दियारा और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग भी गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।