पटना सिटी: गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे के कई इलाकों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अनुमंडल प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर लोगों और वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
वहीं, कच्ची दरगाह से राघोपुर के बीच नावों के परिचालन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एसएसबी के जवानों को तैनात किया गया है।
भद्र घाट से कंगन घाट तक वाहनों की आवाजाही बंद
पटना सिटी अनुमंडल क्षेत्र में भद्र घाट और महावीर घाट का मार्ग गंगा के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस रास्ते पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

अनुमंडल प्रशासन की ओर से भद्र घाट से महावीर घाट होते हुए कंगन घाट तक जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। अशोक राजपथ और गायघाट की ओर से आने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही भी इन घाटों की तरफ रोक दी गई है।
बुधवार को अनुमंडल अधिकारी कशिश बक्शी और एएसपी राज किशोर सिंह ने अधिकारियों के साथ भद्र घाट से कंगन घाट तक गंगा किनारे के इलाकों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कच्ची दरगाह-राघोपुर नाव सेवा पर पूरी तरह रोक
गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए फतुहा क्षेत्र के कच्ची दरगाह से राघोपुर के बीच नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी की है। अधिकारियों को जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीआरएफ के 28 जवान और छह गोताखोर तैनात
अनुमंडल अधिकारी कशिश बक्शी ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 10 नावों के साथ 28 जवान और छह गोताखोर तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा एसएसबी के जवानों को चार बोट पर 30 लाइफ जैकेट के साथ तैनात किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य नदी किनारे किसी भी तरह की दुर्घटना को रोकना और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करना है।
बच्चों और महिलाओं को गंगा की ओर जाने से रोका
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों और महिलाओं को विशेष रूप से गंगा की ओर जाने और नदी में स्नान करने से बचने की अपील की है। घाटों पर बैरिकेडिंग के जरिए लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें और खतरे वाले इलाकों में जाने से बचें।
जरूरत पड़ी तो धारा 163 लागू होगी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर परिस्थितियां और गंभीर होती हैं तो संबंधित इलाकों में धारा 163 लागू की जा सकती है। इसके तहत लोगों की आवाजाही और एकत्र होने पर आवश्यक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
जलजमाव वाले इलाकों में पानी की निकासी के लिए मोटर लगाने और जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए गए हैं।
बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट
गंगा का जलस्तर बढ़ने से पटना सिटी के घाटों और निचले इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और नदी किनारे सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
प्रशासन का कहना है कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए घाटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।