बारुण (औरंगाबाद): सोन नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जबकि निचले इलाकों के खेतों में पानी पहुंचने से धान और सब्जियों की फसल को नुकसान होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों और किसानों के अनुसार, सोन नदी के टीले और आसपास के खेतों में पानी प्रवेश करने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी रहने से आने वाले समय में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
5 लाख 39 हजार 699 क्यूसेक पानी का प्रवाह
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। सोन नदी में करीब 5 लाख 39 हजार 699 क्यूसेक पानी का प्रवाह बताया गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जलस्तर बढ़ने का असर सबसे ज्यादा नदी किनारे खेती करने वाले किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से धान के साथ-साथ परवल, भिंडी और अन्य सब्जियों की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है।
खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान
बारुण मुखिया प्रतिनिधि सह निषाद विकास संघ के रंजीत चौधरी उर्फ नन्दी समेत कई किसानों ने बताया कि सोन नदी का पानी बढ़ने से खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि कई जगह खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे तैयार फसल और पौधों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए किसानों को अपने मोटर पंप और अन्य जरूरी सामान नाव के जरिए सुरक्षित स्थानों पर निकालना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि लगातार जलस्तर बढ़ने से खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
इन गांवों के किसान प्रभावित
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर से धमनी, इंद्रपुरी, धमनी गोला, खजूरी फार्म, नागेश्वरपुर, डिहरा, कर्मा, किला, सहसपुर, शेखपुरा, बारुण, केशवपुर, इंग्लिश, गठौली, जानपुर और खरजावां समेत आसपास के कई गांवों के किसानों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो और अधिक खेतों में पानी पहुंच सकता है। इससे फसल नुकसान का दायरा भी बढ़ने की आशंका है।
किसानों ने मुआवजे की मांग की
फसल नुकसान से परेशान किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बाढ़ के कारण फसल बर्बाद होने से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है।
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर जल्द राहत और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए बीडीओ नीरज कुमार, अंचलाधिकारी नारायण राय और थानाध्यक्ष रंजीत चौधरी ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से नदी या जलमग्न क्षेत्रों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।