पटना/बाढ़: बिहार के पटना जिले के बाढ़ में एक शराब पार्टी के बाद चार युवकों की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। घटना 30 अगस्त को बेढ़ना गांव के सैदपुर टोला में हुई, जहां शराब और नॉनवेज की पार्टी के दौरान चार युवकों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में मामला जहरीली शराब से मौत का माना जा रहा था। हालांकि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने दावा किया कि शराब अपने आप जहरीली नहीं थी, बल्कि उसमें कथित तौर पर जानबूझकर जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। पुलिस इस मामले को साजिश के तहत की गई हत्या की दिशा में देख रही है। हालांकि जहरीले पदार्थ की अंतिम पुष्टि अभी FSL रिपोर्ट से होनी बाकी है।
मृतकों की पहचान निशु कुमार, शशि कुमार, विकास कुमार और पंकज कुमार के रूप में हुई है। बताया गया है कि चारों एक साथ पार्टी कर रहे थे। जांच में पार्टी में पांचवें व्यक्ति के मौजूद होने की बात भी सामने आई है।
अचानक बिगड़ी चारों की तबीयत, इलाज के दौरान मौत
जानकारी के अनुसार शराब पीने के कुछ समय बाद चारों युवकों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन चारों की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। एक साथ चार युवकों की मौत होने के कारण शुरुआत में लोगों के बीच जहरीली शराब पीने की आशंका तेजी से फैल गई।
पोस्टमार्टम में मिले जहरीले पदार्थ के संकेत
पोस्टमार्टम से जुड़े चिकित्सकीय निरीक्षण में शरीर में शराब के साथ किसी रासायनिक पदार्थ के मौजूद होने जैसे संकेत मिलने की बात सामने आई। शवों से शराब और किसी केमिकल के मिश्रण जैसी गंध की भी चर्चा हुई।
हालांकि किसी खास जहरीले पदार्थ को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। साइनाइड जैसे तेज असर वाले जहर से समानता की बात केवल चिकित्सकीय संभावना के तौर पर सामने आई है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
शराब, बोतल, गिलास, खाने की सामग्री और मृतकों के शरीर से लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। अब फोरेंसिक रिपोर्ट ही यह स्पष्ट करेगी कि आखिर मौत की वास्तविक वजह क्या थी।
शराब में मिलाया गया जहर या खाने में थी गड़बड़ी?
जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि कथित जहरीला पदार्थ शराब के जरिए शरीर में पहुंचा या खाने की किसी सामग्री के माध्यम से।
बताया गया कि पार्टी में शराब के साथ मछली और रोटी भी खाई गई थी। इसलिए पुलिस ने घटनास्थल से मिले अलग-अलग सामान और खाद्य सामग्री के नमूने भी जांच के लिए सुरक्षित किए हैं।
पार्टी में मौजूद पांचवें व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। इसके बाद जांच का फोकस केवल जहरीली शराब से मौत की आशंका से हटकर जानबूझकर जहर दिए जाने की कथित साजिश की ओर बढ़ा।
पुलिस ने प्रेम प्रसंग को बताया हत्या की वजह
जांच के बाद पुलिस ने लाली कुमार को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस के अनुसार मृतक निशु कुमार का लाली की बहन से करीब ढाई साल से प्रेम संबंध था। इसी रिश्ते को लेकर लाली नाराज था।
पुलिस का दावा है कि इसी रंजिश के चलते निशु और उसके साथ मौजूद दोस्तों को निशाना बनाने की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक लाली ने कथित तौर पर बाजार से जहरीला पदार्थ हासिल किया और उसे शराब में मिला दिया।
पुलिस की थ्योरी के अनुसार लाली ने अपने लिए भी शराब का गिलास तैयार कराया था, लेकिन उसने खुद शराब नहीं पी और वहां से निकल गया। इसके बाद पार्टी में मौजूद चारों युवकों की तबीयत बिगड़ गई।
तीन लोगों को पकड़ा गया, आगे की जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में लाली कुमार, रुदल कुमार और एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित जहरीला पदार्थ कहां से आया, शराब किस माध्यम से पार्टी तक पहुंची और इस घटना में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।
हालांकि पुलिस की ओर से बताई गई हत्या की थ्योरी को अभी फोरेंसिक जांच और ठोस साक्ष्यों से साबित किया जाना बाकी है।
अवैध शराब की बिक्री का एंगल भी जांच में
घटना के बाद इलाके में अवैध शराब की बिक्री को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में बाहर से शराब लाकर बेचे जाने की बात सामने आती रही है।
ग्रामीणों की ओर से शराब में केमिकल मिलाने और खाली अंग्रेजी शराब की बोतलों में दोबारा शराब भरकर बेचने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस शराब की सप्लाई के स्रोत की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पार्टी में इस्तेमाल की गई शराब कहां से आई थी।
पुलिस की थ्योरी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
पुलिस द्वारा मामले को कथित साजिशन हत्या बताए जाने के बाद ग्रामीणों के बीच भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों ने मांग की है कि पहले वैज्ञानिक जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि चारों की मौत किस जहरीले पदार्थ से हुई।
पुलिस द्वारा बताए गए प्रेम प्रसंग के एंगल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जिस युवती को इस कथित प्रेम संबंध से जोड़ा जा रहा है, उसने पुलिस के दावे को नकारा है। मृतक निशु के पिता ने भी पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए ठोस सबूत सामने लाने की मांग की है।
इसलिए फिलहाल पुलिस की जांच में हत्या की साजिश एक प्रमुख एंगल है, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी।
FSL रिपोर्ट से खुलेगा चार मौतों का राज
अब इस मामले में सबसे अहम भूमिका FSL रिपोर्ट की होगी। फोरेंसिक जांच से यह पता चल सकेगा कि मृतकों के शरीर में कौन-सा जहरीला पदार्थ मौजूद था और वह शराब, खाने या किसी अन्य माध्यम से शरीर में पहुंचा था या नहीं।
रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि कथित जहरीला पदार्थ ही चारों युवकों की मौत का प्रत्यक्ष कारण था या नहीं।
बाढ़ की यह घटना बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की मौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े करती है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की जांच इसे कथित तौर पर साजिशन जहर देकर हत्या का मामला मानकर आगे बढ़ रही है।
चार युवकों की एक साथ मौत से शुरू हुई यह कहानी अब पुलिस की हत्या की थ्योरी और फोरेंसिक जांच के बीच खड़ी है। इस मामले का अंतिम सच FSL रिपोर्ट और अदालत में पेश होने वाले ठोस सबूतों से ही सामने आएगा।