नई दिल्ली। घरेलू सराफा बाजार में बुधवार को चांदी की कीमत में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला। चांदी का भाव एक दिन में ₹2,299 बढ़कर करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो पहुंच गया। वहीं सोने की कीमत में हल्की गिरावट आई। सोना ₹610 सस्ता होकर करीब ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह जानकारी 26 अगस्त के बुलियन बाजार के आंकड़ों पर आधारित है।
चांदी की लगातार मजबूत होती कीमत ने खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान खींचा है। इस साल अब तक चांदी करीब ₹14 हजार महंगी हो चुकी है। हाल के दिनों में इसमें काफी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। 26 अगस्त को बाजार में चांदी ने फिर तेजी दिखाई, जबकि एक दिन पहले इसमें दबाव नजर आया था।
एक दिन में ₹2,299 की बढ़त
बुधवार को चांदी के भाव में ₹2,299 प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद कीमत करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। अलग-अलग बाजारों में कीमत थोड़ी अलग हो सकती है। स्थानीय टैक्स, डीलर का मार्जिन और अन्य खर्चों के कारण खुदरा भाव में अंतर रह सकता है।
हाल के आंकड़ों से भी चांदी की तेजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिल्ली में 26 अगस्त को एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2.45 लाख के आसपास दर्ज किया गया। अगस्त की शुरुआत से तुलना करें तो चांदी की कीमत में करीब 13 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाई देती है।
चांदी को सिर्फ गहनों और निवेश के लिए ही नहीं खरीदा जाता। इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी बड़े स्तर पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई दूसरी तकनीकों में चांदी की मांग रहती है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है।
सोना ₹610 सस्ता
दूसरी ओर सोने में बुधवार को हल्की गिरावट आई। सोने की कीमत ₹610 घटकर करीब ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम रह गई। हालांकि अलग-अलग बाजारों और शुद्धता के हिसाब से सोने का वास्तविक खुदरा भाव अलग हो सकता है। 24 कैरेट सोने के कुछ खुदरा बाजार भाव 26 अगस्त को ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास भी दर्ज किए गए।
सोने में आई यह गिरावट ऐसे समय पर हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति पर है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव का असर सोने जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश पर पड़ता है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत में कमजोरी देखी गई।
वैश्विक घटनाओं का भी असर
सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमत, ब्याज दरों की उम्मीद और दुनिया में चल रही राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ता है।
हाल के कारोबार में डॉलर में कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है। इसके अलावा अमेरिका में आने वाले महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
चांदी में तेजी का एक कारण इसकी औद्योगिक मांग भी है। पिछले कुछ समय में चांदी ने सोने की तुलना में ज्यादा तेज उतार-चढ़ाव दिखाया है। ऐसे में निवेशकों के लिए इसमें मुनाफे की संभावना के साथ जोखिम भी बना हुआ है।
खरीदारी करने वालों के लिए क्या मायने?
चांदी और सोने की कीमतों में तेजी का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ता है। चांदी के गहने, सिक्के और दूसरी वस्तुएं पहले के मुकाबले महंगी हो सकती हैं। सोने के मामले में भी कीमत पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर है, इसलिए छोटी गिरावट के बावजूद खरीदारी सस्ती नहीं हुई है।
खरीदारी से पहले केवल एक दिन के भाव को देखकर फैसला करना सही नहीं माना जाता। स्थानीय बाजार में 999 शुद्धता की चांदी और अलग-अलग कैरेट के सोने के भाव जरूर जांचने चाहिए। गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क भी अंतिम कीमत में जुड़ते हैं।
फिलहाल कीमती धातुओं का बाजार तेजी और उतार-चढ़ाव दोनों के दौर से गुजर रहा है। बुधवार को जहां चांदी ने जोरदार बढ़त बनाई, वहीं सोने में मामूली गिरावट आई। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियां इन दोनों धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।