पटना। राजधानी पटना में मुजफ्फरपुर की रहने वाली एक युवती ने एक युवक पर दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि वह वर्ष 2023 में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पटना आई थी। इसी दौरान उसकी आरोपी से पहचान हुई। आरोप है कि युवक ने हथियार के बल पर उसे डराया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के जरिए उसे लगातार ब्लैकमेल करने और धमकाने का आरोप है।
युवती ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी उसे तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देता था। इसी डर की वजह से वह लंबे समय तक चुप रही। अब उसने पुलिस से न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आई थी पटना
पीड़िता मूल रूप से मुजफ्फरपुर की रहने वाली बताई जा रही है। वर्ष 2023 में वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए पटना आई थी। पढ़ाई के दौरान उसकी आरोपी युवक से पहचान हुई। दोनों के बीच बातचीत होने लगी और संपर्क बढ़ गया।
पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। आरोप है कि उसने हथियार दिखाकर युवती को डराया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान कथित तौर पर उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए गए।
युवती के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने इन तस्वीरों और वीडियो को उसके खिलाफ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। उसे डराया गया कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया या आरोपी की बात नहीं मानी तो उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो दूसरों के सामने सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी लंबे समय तक उसे मानसिक रूप से परेशान करता रहा। निजी फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया जाता था। हथियार दिखाकर डराने की बात भी शिकायत में कही गई है।
युवती का कहना है कि बदनामी और फोटो-वीडियो वायरल होने के डर से वह काफी समय तक पुलिस के पास नहीं जा सकी। ऐसे मामलों में पीड़ित को सामाजिक दबाव और बदनामी का डर रहता है। इसी वजह से कई बार शिकायत करने में भी देरी हो जाती है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस पीड़िता के बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। घटना से जुड़े स्थानों और आरोपी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो समेत दूसरे डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तस्वीरें और वीडियो कब बनाए गए और उनका इस्तेमाल किस तरह पीड़िता को धमकाने के लिए किया गया।
फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही होगी।
पीड़िता की पहचान रखना जरूरी
यौन अपराध से जुड़े मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए खबर में युवती का नाम, पता या ऐसी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है जिससे उसकी पहचान उजागर हो। मामले की रिपोर्टिंग में उसकी निजता और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
पुलिस से उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ पीड़िता की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल
पटना देश के बड़े प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों में शामिल है। बिहार के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इनमें कई छात्राएं हॉस्टल, पीजी या किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई करती हैं।
ऐसे में इस घटना ने बाहर से पटना आकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। छात्रों और अभिभावकों की चिंता रहती है कि पढ़ाई के लिए दूसरे शहर में रहने वाले बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। पीड़िता की शिकायत में दुष्कर्म, हथियार दिखाकर डराने और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस की कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर अब सभी की नजर है।