पटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आरजेडी नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। तेजस्वी ने सरकार से आंदोलन कर रहे छात्र-अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है।
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में कहा कि बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के बीच भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और परिणाम जारी होने में देरी को लेकर लगातार असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों से मिले थे तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे छात्र-अभ्यर्थियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने छात्रों की समस्याएं और उनकी मांगें सुनीं।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से कहा कि युवाओं के भविष्य और राज्य की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार को इन मुद्दों पर तत्काल और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

TRE-4 को लेकर सबसे बड़ी मांग
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के सामने TRE-4 को एकल परीक्षा के रूप में आयोजित करने की मांग रखी है। इसके साथ ही उन्होंने ‘One Candidate, One Result’ की नीति लागू करने की बात कही है।
TRE-4 के परीक्षा पैटर्न को लेकर बिहार में पहले से ही छात्रों का विरोध चल रहा है। अभ्यर्थी PT और Mains की दो चरणों वाली व्यवस्था के बजाय एक ही परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं।
LET और BET परीक्षाओं को लेकर भी मांग
तेजस्वी ने LET और BET परीक्षाओं का नियमित आयोजन एक निश्चित समयसीमा के तहत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षाओं के लिए पहले से तय टाइमलाइन होने से अभ्यर्थियों को तैयारी करने और आगे की योजना बनाने में आसानी होगी।
BPSC परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
पत्र में BPSC की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया गया है। तेजस्वी ने इसे तत्काल खत्म करने की मांग की है।

इसके अलावा दारोगा, सिपाही, BSSC और BPSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने पूर्व में विवादों में रही परीक्षाओं की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पत्र में कथित तौर पर दोषियों और भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का मुद्दा
तेजस्वी ने सहायक प्राध्यापक के खाली पदों पर नियमित नियुक्ति की मांग भी उठाई है। इसके साथ आयु सीमा में छूट, आरक्षण और डोमिसाइल नीति के पालन तथा अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा-संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से निर्णय लेने की अपील की गई है।

लंबित परीक्षाओं की तारीख जल्द जारी करने की मांग
पत्र में BSSC इंटरमीडिएट, CGL, ASO, BSO, लाइब्रेरियन और लेखपाल सहित लंबित परीक्षाओं की तारीख जल्द घोषित करने की मांग की गई है।
तेजस्वी ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को समयबद्ध करने के साथ-साथ राज्य में ‘Annual Exam Calendar’ जारी करने की मांग भी रखी है। इससे अभ्यर्थियों को सालभर होने वाली सरकारी परीक्षाओं की जानकारी पहले से मिल सकेगी।
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का मुद्दा भी शामिल
तेजस्वी यादव ने बिहार के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित करने और शैक्षणिक सत्र को नियमित करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी है।
यानी उनका पत्र केवल TRE-4 या एक-दो भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, रोजगार, उच्च शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।

छात्रों के आंदोलन के बीच बढ़ी सियासी हलचल
बिहार में छात्र-अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। TRE-4 के परीक्षा पैटर्न और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों को लेकर छात्र संगठनों का विरोध जारी है। मंगलवार को पटना में छात्रों के मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आईं।
ऐसे माहौल में तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री को पत्र लिखना सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अब नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार की ओर से इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है और क्या सरकार आंदोलन कर रहे छात्र-अभ्यर्थियों के साथ बातचीत के जरिए कोई समाधान निकालती है।
