Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Reading: JPSC-JSSC विवाद क्यों बना झारखंड के छात्रों की सबसे बड़ी लड़ाई? जानिए आंदोलन की पूरी कहानी
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - JPSC-JSSC विवाद क्यों बना झारखंड के छात्रों की सबसे बड़ी लड़ाई? जानिए आंदोलन की पूरी कहानी

JPSC-JSSC विवाद क्यों बना झारखंड के छात्रों की सबसे बड़ी लड़ाई? जानिए आंदोलन की पूरी कहानी

Last updated: अगस्त 6, 2026 3:20 अपराह्न
By : Dinman News Network
Published on : 4 सप्ताह पहले
JPSC-JSSC विवाद क्यों बना झारखंड के छात्रों की सबसे बड़ी लड़ाई?
फोटो क्रेडिट–IG
साझा करें

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इन दिनों किसी खेल प्रतियोगिता की वजह से नहीं, बल्कि हजारों प्रतियोगी छात्रों की मौजूदगी के कारण चर्चा में है। यहां कई छात्र पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं और छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल भी अभी जारी है।

छात्रों की नाराजगी सिर्फ 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं है। छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन उन समस्याओं का नतीजा है, जो सालों से झारखंड की भर्ती व्यवस्था में बनी हुई हैं। देरी से होने वाली भर्तियां, विवादों में घिरती परीक्षाएं और पारदर्शिता को लेकर उठते सवाल—इन सबने मिलकर युवाओं के धीरज की परीक्षा ली है।

इन सब के बीच इधर राज्य सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से वार्ता का संदेश दिया गया है। सरकार चाहती है कि बातचीत के जरिए रास्ता निकले, लेकिन छात्र सार्वजनिक बातचीत की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि यदि चर्चा खुले मंच पर होगी तो पूरे राज्य के अभ्यर्थी जान सकेंगे कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपना रही है।

आंदोलनकारी छात्र
आंदोलनकारी छात्र, फोटो क्रेडिट– जनसत्ता

आंदोलन के पीछे की असली वजह

यह आंदोलन अचानक पैदा नहीं हुआ। इसकी शुरुआत कई साल पहले उन शिकायतों से हुई, जिन्हें शुरुआत में सामान्य प्रशासनिक देरी मानकर नजरअंदाज कर दिया गया था। झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं की सबसे बड़ी शिकायत हमेशा भर्ती प्रक्रिया की धीमी रफ्तार रही है। कई बार विज्ञापन जारी होने और परीक्षा आयोजित होने के बीच लंबा अंतराल रहा। परीक्षा के बाद परिणाम आने में महीनों लग गए और कुछ मामलों में नियुक्तियां अदालतों में फंस गईं। इसका सबसे ज्यादा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा, जिनकी उम्र लगातार बढ़ती रही और नई भर्तियों के लिए पात्रता पर भी असर पड़ने लगा। यहीं से असंतोष धीरे-धीरे बढ़ता गया।

ये भी पढ़े

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में 300 छात्र-छात्राओं के लिए शुरू हुई ‘दीदी की रसोई’
दानापुर स्टेशन पर गहन टिकट जांच अभियान, 14 ट्रेनों में पकड़े गये 320 बिना टिकट
एकमा का शराब तस्कर 375 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ सीवान में धराया, कभी थाने का था निजी वाहन चालक
पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन, हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा

राज्य में भर्ती की जिम्मेदारी मुख्य रूप से दो आयोगों के पास है। झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) विभिन्न विभागों में ग्रुप-सी और अन्य पदों पर नियुक्तियां करता है, जबकि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) प्रशासनिक सेवाओं समेत कई महत्वपूर्ण पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। हर साल लाखों युवा इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में किसी भी भर्ती पर उठे सवाल सीधे उनके भविष्य से जुड़ जाते हैं।

सालों से चला आ रहा विवाद

साल 2019 से 2021 के बीच कई भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं। अभ्यर्थियों का कहना था कि रेगुलर एग्जाम कैलेंडर नहीं होने से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। कई पद वर्षों तक खाली रहे और भर्ती पूरी होने में अपेक्षा से कहीं ज्यादा समय लगा।

इसके बाद 2022 में JSSC CGL परीक्षा विवादों के केंद्र में आ गई। पेपर लीक होने के आरोप लगे। मामला इतना बढ़ा कि परीक्षा रद्द करनी पड़ी और जांच शुरू हुई। इसी घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने पहली बार संगठित होकर भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने शुरू किए। यही वह दौर था, जब “पारदर्शी भर्ती” की मांग छात्र आंदोलन का बड़ा मुद्दा बन गई।

हालांकि इसके बाद भी विवाद थमे नहीं। 2023 से 2025 के बीच अलग-अलग भर्तियों को लेकर कभी पेपर लीक के आरोप लगे, कभी परिणामों पर सवाल उठे और कभी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां सामने आईं। कई मामले अदालतों तक पहुंचे। इसी दौरान अभ्यर्थियों ने OMR शीट सार्वजनिक करने, मूल्यांकन प्रक्रिया स्पष्ट करने और मेरिट सूची तैयार करने के तरीके को पारदर्शी बनाने की मांग लगातार उठाई।

यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि हर आरोप साबित नहीं हुआ और हर भर्ती को अनियमित घोषित नहीं किया गया। लेकिन लगातार उठते सवालों ने आयोगों की विश्वसनीयता पर शक जरूर पैदा किया। यही वजह है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर होता गया।

2026 में स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर नए आरोप सामने आए। आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। वे OMR शीट सार्वजनिक करने, मेरिट तैयार करने के आधार को स्पष्ट करने और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।

इसी मुद्दे ने मौजूदा आंदोलन को बड़ा स्वरूप दिया है। अब मांग सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। छात्र चाहते हैं कि JPSC और JSSC दोनों में संस्थागत सुधार किए जाएं, रेगुलर परीक्षा कैलेंडर जारी हो, भर्ती प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी हो और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद की संभावना कम करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

JPSC चेयरमैन की भूमिका पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में झारखंड CID ने पूर्व JPSC चेयरमैन एल. खियांगते से कई दौर की पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनके आवास पर तलाशी भी ली और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। हालांकि अब तक किसी अदालत ने उनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं किए हैं और मामला फिलहाल जांच के दायरे में है।

अब आंदोलन के दौरान राज्य सरकार का कहना है कि वह छात्रों की बात सुनने के लिए तैयार है और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। लेकिन आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से भरोसा नहीं लौटेगा। उनका आग्रह है कि सरकार लिखित फैसले ले और उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने रखे।

इस मामले पर सरकार और छात्रों के बीच होने वाली संभावित बातचीत के बाद ही यह तय होगा कि इस बातचीत से समाधान निकलता है या आंदोलन और व्यापक रूप लेता है। लेकिन इतना तय है कि यह विवाद अब सिर्फ एक परीक्षा या एक आयोग तक सीमित नहीं रह गया है। यह उन लाखों युवाओं की उम्मीदों से जुड़ा सवाल बन चुका है, जो वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और चाहते हैं कि उनकी मेहनत का फैसला केवल उनकी योग्यता के आधार पर हो।

TAGGED:Hemant SorenJharkhand NewsJharkhand Student ProtestJPSCJSSC
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर पति को छोड़ प्रेमी के साथ दमन गई बिहार की छोटी कुमारी की ट्रॉली बैग में मिली लाश पति को छोड़ प्रेमी के साथ दमन गई बिहार की छोटी कुमारी की ट्रॉली बैग में मिली लाश, हत्या के आरोप में प्रेमी की तलाश तेज
अगली ख़बर 13 साल बाद तरुण तेजपाल दोषी करार 13 साल बाद तरुण तेजपाल दोषी करार: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

ये भी पढ़ें

नालंदा के अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में दीदी की रसोई का शुभारंभ

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में 300 छात्र-छात्राओं के लिए शुरू हुई ‘दीदी की रसोई’

दानापुर स्टेशन पर रेलवे का विशेष टिकट जांच अभियान

दानापुर स्टेशन पर गहन टिकट जांच अभियान, 14 ट्रेनों में पकड़े गये 320 बिना टिकट

एकमा का शराब तस्कर 375 लीटर शराब के साथ सीवान में गिरफ्तार

एकमा का शराब तस्कर 375 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ सीवान में धराया, कभी थाने का था निजी वाहन चालक

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन, हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा

नालंदा में Preventive Policing के तहत रात में पुलिस पेट्रोलिंग

क्राइम कंट्रोल को लेकर नालंदा में Preventive Policing पर जोर, रात में सड़क पर उतरी पुलिस टीम

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • झारखण्‍ड
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • दिल्‍ली

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?