डेस्क: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games) के समापन से ठीक एक दिन पहले भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। 1 अगस्त को भारत ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इनमें 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाते हुए 10वें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर जगह बना ली।
भारत के लिए सबसे यादगार प्रदर्शन मुक्केबाजी में देखने को मिला। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7 स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इनमें पांच महिला और दो पुरुष मुक्केबाज शामिल रहे। दिन का पहला गोल्ड प्रीति पवार ने दिलाया, जबकि आखिरी स्वर्ण अंकुश पंघाल के नाम रहा।
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच ने भी गोल्ड जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी सफलता जोड़ी। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में बॉक्सिंग में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।
बॉक्सिंग के अलावा पैरा एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि शुभमण जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया। पुरुष ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर और सेल्वा प्रभु ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं जूडो में उन्नति शर्मा और 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
इस शानदार प्रदर्शन से पहले भारत के खाते में 23 पदक थे, लेकिन 10वें दिन के बाद कुल पदकों की संख्या बढ़कर 39 हो गई। अब भारत के पास 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक हैं। एक ही दिन में मिले इन 16 पदकों ने न केवल भारत की पदक संख्या बढ़ाई, बल्कि पदक तालिका में उसकी स्थिति भी काफी मजबूत कर दी।
अब सभी की निगाहें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम दिन पर टिकी हैं। भारतीय खिलाड़ी शानदार लय में हैं और उम्मीद की जा रही है कि समापन से पहले देश की झोली में कुछ और पदक आ सकते हैं। यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी भारतीय खेलों के बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत माना जा रहा है।