डेस्क: चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की जांच कर रही एजेंसी ने बिहार एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर उन पर आरोप है कि एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी पर पहली गोली उन्होंने ही चलाई थी।
बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी देर रात की गई। जांच टीम लंबे समय से घटनास्थल से जुड़े सबूतों, फोरेंसिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच कर रही थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई है।
भरत तिवारी एनकाउंटर शुरू से ही विवादों में रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया था कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मारी गई। वहीं पुलिस का कहना था कि कार्रवाई आत्मरक्षा और जवाबी फायरिंग के दौरान हुई। इन विरोधाभासी दावों के बीच मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठती रही।
अब STF के एक जवान की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी अन्य पुलिसकर्मियों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच कर रही है। हालांकि अभी यह जांच जारी है और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।

इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि जांच का अंतिम निष्कर्ष ही तय करेगा कि एनकाउंटर की पूरी सच्चाई क्या थी और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी।
