कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में निष्कासन पर लगी मुहर, पूर्व सैन्य उपाध्यक्ष झांग यौशिया और कई बड़े अधिकारियों पर भी गिरी गाज; 2027 के नेतृत्व बदलाव से पहले बढ़ाई गई अनुशासन की सख्ती
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने 33 अधिकारियों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें 16 सैन्य अधिकारी शामिल हैं। निष्कासित लोगों में चीन के पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी झांग यौशिया, लियू झेनली और शिनजियांग के पूर्व पार्टी प्रमुख मा शिंगरुई जैसे बड़े नाम भी हैं। इस कार्रवाई की पुष्टि 29 अक्टूबर को बीजिंग में हुई कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति की पांचवीं पूर्ण बैठक के समापन पर जारी आधिकारिक बयान में की गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब चीन की सेना और पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार तथा अनुशासन को लेकर अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। हालांकि, पार्टी ने निष्कासित अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग आरोपों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। आधिकारिक बयान में गंभीर अनुशासनात्मक और कानूनी उल्लंघनों का उल्लेख किया गया है।
झांग यौशिया समेत सेना के कई बड़े नाम निष्कासित
निष्कासित अधिकारियों में सबसे चर्चित नाम झांग यौशिया का है। वह चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं। यह आयोग चीन की सशस्त्र सेनाओं की कमान और निगरानी करने वाली शीर्ष संस्था है। पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लियू झेनली का नाम भी निष्कासित लोगों की सूची में शामिल है।

इसके अलावा शिनजियांग के पूर्व पार्टी प्रमुख मा शिंगरुई, चीन के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक लियू जियानचाओ, पूर्व उद्योग मंत्री जिन झुआंगलोंग और चीन के प्रतिभूति नियामक आयोग के पूर्व अध्यक्ष यी हुइमान भी कार्रवाई की जद में आए हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी ने पांचवीं पूर्ण बैठक में 33 अधिकारियों के निष्कासन की पुष्टि की। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 16 अधिकारी सैन्य क्षेत्र से जुड़े थे। यानी यह कार्रवाई केवल सेना तक सीमित नहीं रही, बल्कि पार्टी और सरकार के अलग-अलग महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों पर भी हुई है।
सेना के शीर्ष आयोग में अब केवल दो सदस्य
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के नेतृत्व पर दिखाई दे रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, झांग यौशिया और एक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हटने के बाद इस सात सदस्यीय आयोग में अब केवल दो सदस्य रह गए हैं—अध्यक्ष शी जिनपिंग और उपाध्यक्ष झांग शेंगमिन।
बैठक के दौरान झांग शेंगमिन को कम्युनिस्ट पार्टी के 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो में भी पदोन्नत किया गया। वह सैन्य अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई से जुड़े रहे हैं। इस बदलाव के बाद चीन की सेना के शीर्ष नेतृत्व की संरचना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों ने बड़े पैमाने पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाए जाने के प्रभाव और सेना की संचालन क्षमता पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है।

बैठक में पहले के मुकाबले कम पहुंचे सदस्य
चीन की केंद्रीय समिति की इस बैठक में कुल 279 सदस्य शामिल हुए। बीबीसी के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में हुई पिछली पूर्ण बैठक में 315 और जुलाई 2024 की बैठक में 364 सदस्य मौजूद थे। इस बार उपस्थिति 300 से भी नीचे रही। बैठक में 162 पूर्ण सदस्य और 117 वैकल्पिक सदस्य शामिल हुए।
यह गिरावट ऐसे समय दर्ज हुई है, जब शी जिनपिंग के नेतृत्व में पार्टी के भीतर अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान लगातार चल रहा है। बीबीसी के मुताबिक, जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय समिति के 51 सदस्यों को अब तक हटाया जा चुका है। यह संख्या उनके पहले कार्यकाल के 35 और दूसरे कार्यकाल के पांच सदस्यों से अधिक है।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान या सत्ता पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश?
शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को अपने शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। कम्युनिस्ट पार्टी इसे संस्थागत अनुशासन और शासन व्यवस्था को मजबूत करने की कार्रवाई बताती है। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान अब केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है। इसके जरिए पार्टी में राजनीतिक वफादारी और नेतृत्व के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश भी की जा रही है।
कार्नेगी चाइना से जुड़े विशेषज्ञ चोंग जा इयान ने बीबीसी से बातचीत में इस अभियान को जिनपिंग की सत्ता और अधिकार को मजबूत करने की कोशिशों से भी जोड़ा है। हालांकि, चीन की ओर से इन निष्कासनों के पीछे तख्तापलट की किसी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस कार्रवाई को जिनपिंग के तख्तापलट के डर का नतीजा बताना फिलहाल सही नहीं होगा।

2027 की बैठक से पहले अहम फेरबदल
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अगली राष्ट्रीय कांग्रेस 2027 के उत्तरार्ध में होने वाली है। इस बैठक में पार्टी के अगले नेतृत्व का फैसला होगा। कई विश्लेषकों का अनुमान है कि शी जिनपिंग चौथे कार्यकाल के लिए भी नेतृत्व की दावेदारी कर सकते हैं। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला आगामी पार्टी कांग्रेस में ही होगा।
फिलहाल 33 अधिकारियों का निष्कासन चीन की राजनीति और सैन्य नेतृत्व में बड़े बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पार्टी सेना के खाली हुए शीर्ष पदों पर किन अधिकारियों को जिम्मेदारी देती है और इस अभियान का चीन की सैन्य व्यवस्था पर क्या असर पड़ता है।
